भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का क्षेत्र लगातार प्रगति कर रहा है, जिसमें हाल के दिनों में कई उल्लेखनीय घटनाक्रम देखने को मिले हैं।
भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025 की घोषणा
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चंडीगढ़ में 6 से 9 दिसंबर, 2025 तक आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025 के पूर्वावलोकन का अनावरण किया। इस महोत्सव का विषय "विज्ञान से समृद्धि - आत्मनिर्भर भारत" होगा, जो भारत के नवाचार, आत्मनिर्भरता और ज्ञान परंपराओं को प्रदर्शित करने पर केंद्रित है। यह आयोजन "आत्मनिर्भर भारत" से लेकर जैव-अर्थव्यवस्था तक पाँच व्यापक विषयों और क्षेत्र-विशिष्ट नवाचारों पर प्रकाश डालेगा।
जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तीव्र वृद्धि
भारत का जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जिसका श्रेय किफायती अनुसंधान और विकास (R&D), एक विविध प्रतिभा पूल और तीव्र डिजिटल एकीकरण को जाता है। 2018 में लगभग 500 बायोटेक स्टार्टअप से बढ़कर 2025 तक इनकी संख्या 10,000 से अधिक हो गई है, जिसे 25 राज्यों में फैले 94 इनक्यूबेटरों के नेटवर्क का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, इस क्षेत्र को विस्तार के स्तर पर बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में वित्तपोषण की चुनौतियाँ
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने बताया कि पर्याप्त धन की कमी के कारण भारत में आधुनिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों को अपनाने में देरी हुई है। उन्होंने उदाहरण दिया कि तरल प्रणोदन में महारत हासिल करने में तीन साल की बजाय दो दशक लग गए, जिसकी मुख्य वजह वित्तपोषण की कमी थी। इस बीच, ISRO के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR) ने 16 अक्टूबर, 2025 को विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करते हुए एक भर्ती अधिसूचना जारी की है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में भारत की प्रगति
भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा संचालित एक नए युग के मुहाने पर खड़ा है। मार्च 2024 में अनुमोदित 'इंडिया AI मिशन' का उद्देश्य भारत में AI का निर्माण करना और इसे भारत के लिए प्रभावी बनाना है। 8 अक्टूबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यशोभूमि, नई दिल्ली में उद्घाटन किए गए 9वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 का मुख्य विषय "इनोवेट टू ट्रांसफॉर्म" के तहत AI था, जिसमें एक अंतर्राष्ट्रीय AI शिखर सम्मेलन भी शामिल था।
कैंसर उपचार में AI की नई उम्मीद
गूगल डीपमाइंड और येल विश्वविद्यालय ने मिलकर C2S-स्केल (Cell2Sentence-Scale 27B) नामक एक नया AI मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल कोशिकीय भाषा को डिकोड करता है, नई औषधि लक्ष्यों की पहचान करता है, और प्रयोगात्मक रूप से परिकल्पनाओं की पुष्टि करता है। इस सफलता से डेटा-संचालित कैंसर चिकित्सा और वैयक्तिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है। इस मॉडल ने सिल्मिटासर्टिब नामक एक दवा की पहचान की है, जो ट्यूमर के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाती है।