भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में प्रमुख घटनाक्रम शामिल हैं।
उन्नत AI अनुसंधान और विकास
फुजित्सु लिमिटेड और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) ने उन्नत AI प्रौद्योगिकियों पर एक संयुक्त अनुसंधान पहल शुरू की है। यह सहयोग रिएक्शन-डिफ्यूजन सिमुलेशन को तेज करने के लिए सॉफ्टवेयर तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य जटिल वास्तविक दुनिया की समस्याओं, जैसे स्मार्ट ग्रिड पावर डिमांड फोरकास्टिंग और नई सामग्री विकास, को अधिक कुशलता से संसाधित करना है। यह परियोजना फुजित्सु के पावर-कुशल आर्म-आधारित सीपीयू का लाभ उठाती है।
इसी बीच, नीति आयोग की एक रिपोर्ट ने भारत में AI प्रतिभा की वैश्विक दौड़ में पिछड़ने की आशंका जताई है, जिसका कारण अपर्याप्त शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत सालाना 500 से कम AI-संबंधित पीएचडी का उत्पादन करता है और विशेष AI विभागों की स्थापना, AI+X कार्यक्रमों के विस्तार और पीएचडी फेलोशिप बढ़ाने की सिफारिश करती है। इस संदर्भ में, उत्तराखंड सरकार ने इंडिया AI मिशन के सहयोग से 17 अक्टूबर, 2025 को उत्तराखंड AI प्रभाव शिखर सम्मेलन 2025 का आयोजन किया। यह शिखर सम्मेलन उत्तराखंड में सतत विकास को बढ़ावा देने में AI की क्षमता का पता लगाने और इंडिया – AI प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 के लिए एक अग्रदूत के रूप में कार्य करता है।
रक्षा क्षेत्र में नवाचार
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी मिलिट्री कॉम्बैट पैराशूट सिस्टम (MCPS) का उपयोग करके 32,000 फीट की ऊंचाई से एक कॉम्बैट फ्री-फॉल जंप का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। भारतीय वायु सेना (IAF) के जंपर्स द्वारा किया गया यह परीक्षण, सिस्टम की दक्षता और उन्नत डिजाइन को प्रदर्शित करता है।
इसके अतिरिक्त, DRDO ने भारत भर में अपने प्रतिष्ठानों में 300 मेगावाट क्षमता की सौर-आधारित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित करने के लिए सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा
केंद्रीय कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण स्टार्टअप्स के लिए 12,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय चिप विनिर्माण को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता को कम करना है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ESC) के नेतृत्व में 100 भारतीय कंपनियों के एक मजबूत प्रतिनिधिमंडल के साथ GITEX ग्लोबल दुबई 2025 में एक वैश्विक प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स पावरहाउस के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
गुरुत्वीय तरंगों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (IITGN) ने "गुरुत्वीय तरंगों की खोज के दस वर्ष: गुरुत्वीय भौतिकी की सीमाओं को आगे बढ़ाना" विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय चर्चा बैठक की सफलतापूर्वक मेजबानी की। यह कार्यक्रम गुरुत्वीय तरंगों की ऐतिहासिक खोज की दसवीं वर्षगांठ का जश्न मनाता है और LIGO-इंडिया पहल के माध्यम से वैश्विक गुरुत्वीय-तरंग नेटवर्क में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालता है।