भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जो देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता को दर्शाती हैं।
इसरो का महत्वाकांक्षी 40 मंजिला रॉकेट
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) एक ऐसे विशाल रॉकेट का निर्माण कर रहा है जो 40 मंजिला इमारत जितना ऊंचा होगा और 75,000 किलोग्राम (75 टन) तक का पेलोड पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने में सक्षम होगा। इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने इस ऐतिहासिक कदम की घोषणा की, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में नाविक (NAVIC) उपग्रह, N1 रॉकेट, और अमेरिका के 6500 किलोग्राम वजनी उपग्रह सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मिशन लॉन्च किए जाएंगे। वर्तमान में अंतरिक्ष में सक्रिय भारत के 55 उपग्रहों की संख्या अगले 3-4 वर्षों में तीन गुना करने का लक्ष्य है।
निसार (NISAR) मिशन की सफलता
नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर राडार (NISAR) उपग्रह ने अंतरिक्ष में अपना विशाल स्वर्णिम एंटीना सफलतापूर्वक फैला दिया है। यह नासा और इसरो के बीच एक संयुक्त मिशन है, जो तकनीकी प्रगति और वैश्विक सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। निसार उपग्रह पृथ्वी की निगरानी करेगा और आपदाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा।
पेटेंट इकोसिस्टम में वृद्धि
भारत ने अपने पेटेंट इकोसिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव देखे हैं। 2023 में, भारत वैश्विक पेटेंट फाइलिंग में छठे स्थान पर रहा, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 में, भारत में 1 लाख से अधिक पेटेंट स्वीकृत किए गए, जो 2015 की तुलना में 17 गुना अधिक है। पिछले पांच वर्षों में, भारत में कुल बौद्धिक संपदा (IP) फाइलिंग में 44% की वृद्धि हुई है, जिसमें पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिज़ाइन और भौगोलिक संकेतक शामिल हैं।
तकनीकी नवाचार और निर्यात
मध्यप्रदेश में "मध्यप्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम-2025" के तहत एक जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के अवसरों का पता लगाने के लिए दौरा किया। यह कार्यक्रम भारत में तकनीकी साझेदारी और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा, एप्पल के आईफोन का भारत से निर्यात अप्रैल-जुलाई की अवधि में लगभग 63% बढ़कर 7.5 बिलियन डॉलर हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4.6 बिलियन डॉलर था। फॉक्सकॉन ने अपनी नई बेंगलुरु फैक्ट्री में आईफोन 17 का उत्पादन भी शुरू कर दिया है, जो भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।