भारतीय शेयर बाजारों ने पिछले 24 घंटों में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। बुधवार, 16 अक्टूबर, 2025 को सेंसेक्स 862 अंक बढ़कर 83,467 के स्तर पर और निफ्टी 261 अंक चढ़कर 25,585.30 पर बंद हुआ। इस तेजी के पीछे सकारात्मक वैश्विक संकेत, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर आशावाद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का शुरुआती निवेश, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नरम मौद्रिक नीति संबंधी टिप्पणियां और डॉलर इंडेक्स में नरमी जैसे कई कारण थे। कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, यह बढ़त व्यापक आधार पर रही, जिसका नेतृत्व रियल्टी, ऑटो, एफएमसीजी और निजी बैंकिंग शेयरों ने किया। कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयरों में प्रमुख रूप से लाभ देखा गया।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच 8% से अधिक की वृद्धि दर हासिल की है और मुद्रास्फीति को 8% से घटाकर 1.5% तक लाने में सफलता प्राप्त की है, जो पिछले 8 वर्षों में सबसे निचला स्तर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत का राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है और केंद्र सरकार का घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.4% रहने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रुपये की व्यवस्थित गतिशीलता पर भी प्रकाश डाला।
बैंकिंग क्षेत्र में, सरकार चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों - इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI), बैंक ऑफ इंडिया (BOI) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM) - को पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे बड़े बैंकों के साथ विलय करने की तैयारी कर रही है। इस योजना पर वित्त वर्ष 2026-27 तक कैबिनेट और पीएमओ स्तर पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सरकारी बैंक बनाना है। इसके साथ ही, भारतीय बैंकों में विदेशी निवेश में भी वृद्धि देखी गई है, जिसका श्रेय भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार की नीतियों को दिया गया है। इस साल जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) ने यस बैंक में 24.22% हिस्सेदारी खरीदी, जो किसी भारतीय बैंक में एकल सबसे बड़ा विदेशी निवेश दर्ज हुआ।
सोने और चांदी की कीमतों में भी हलचल देखी गई। 16 अक्टूबर को सोने की कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर बनी रहीं, जिसमें 24 कैरेट सोना 1,29,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, त्योहारी सीजन की बढ़ती मांग और बाजार में उतार-चढ़ाव जैसे कारक सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। वहीं, चांदी की कीमत में 16 अक्टूबर को हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें 100 ग्राम चांदी ₹18,900 और 1 किलो चांदी ₹1,89,000 पर पहुंच गई।
कॉर्पोरेट जगत में, हुंडई मोटर कंपनी ने भारत में 2030 तक ₹45,000 करोड़ के बड़े निवेश की योजना की घोषणा की है, जिसमें उत्पादन क्षमता बढ़ाना और नए मॉडल लॉन्च करना शामिल है। दोपहिया वाहन निर्माता हीरो मोटोकॉर्प ने स्पेनिश बाजार में प्रवेश करके अपने अंतरराष्ट्रीय बाजारों की संख्या 50 तक पहुंचा दी है। टीवीएस मोटर कंपनी ने भारत में नई एडवेंचर बाइक Apache RTX 300 लॉन्च की है। निवेशकों की नजर आईटी दिग्गज इंफोसिस और विप्रो, उपभोक्ता उत्पाद कंपनी नेस्ले इंडिया और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के तिमाही नतीजों पर भी रहेगी।