भारत सरकार ने पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों को अद्यतन और घोषित किया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये अपडेट विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत सुधारों और नई पहलों को दर्शाते हैं।
पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए कल्याणकारी अनुदान में वृद्धि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100% वृद्धि को मंजूरी दी है। यह वृद्धि पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा कार्यान्वित योजनाओं के तहत की गई है। इसके तहत, निर्धनता अनुदान को चार हजार रुपये से बढ़ाकर आठ हजार रुपये प्रति माह प्रति लाभार्थी कर दिया गया है। शिक्षा अनुदान को भी एक हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति माह प्रति बच्चे (दो आश्रित बच्चों तक) कर दिया गया है। विवाह अनुदान को भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति लाभार्थी कर दिया गया है। ये संशोधित दरें 1 नवंबर, 2025 से लागू होंगी।
केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) दरों में ऐतिहासिक बदलाव
केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) की मूल्य निर्धारण संरचना में 13 अक्टूबर, 2025 से एक ऐतिहासिक बदलाव लागू किया गया है। यह बदलाव CGHS-पंजीकृत अस्पतालों में लगभग 2,000 चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए नई दरें पेश करता है। इसका उद्देश्य अस्पतालों की भागीदारी को बढ़ाना और लाभार्थियों के लिए सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना है, जिसमें केंद्रीय सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके आश्रित शामिल हैं।
PM गति शक्ति पोर्टल निजी क्षेत्र के लिए खुला
सरकार ने अंतिम-मील वितरण सेवाओं को अनुकूलित करने और बुनियादी ढांचे-आधारित अनुप्रयोगों के विकास को सक्षम करने के उद्देश्य से PM गति शक्ति पोर्टल को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है। इसके साथ ही, PM गति शक्ति कंपेंडियम, NMP डैशबोर्ड, ज्ञान प्रबंधन प्रणाली (KMS) और PM गति शक्ति – ऑफशोर भी लॉन्च किए गए हैं, जो एकीकृत अपतटीय विकास को बढ़ावा देंगे।
किसानों के लिए नई पहलें और प्रोत्साहन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) का पूरा उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि कृषि को एक लाभदायक उद्यम बनाया जा सके। PMDDKY के लिए 2025-26 के लिए ₹24,000 करोड़ का बजटीय आवंटन किया गया है और इसका लक्ष्य 100 कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना है।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2025-31 की अवधि के लिए ₹11,440 करोड़ के परिव्यय के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन को मंजूरी दी है। इस योजना का लक्ष्य दालों का उत्पादन 350 लाख टन तक बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और 2 करोड़ किसानों के लिए आय सुरक्षित करना है।
दिल्ली सरकार की जल बिल माफी योजना
दिल्ली सरकार ने एक जल बिल माफी योजना शुरू की है, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बकाया जल बिलों पर विलंब शुल्क अधिभार (LPSC) की पूर्ण माफी की पेशकश की गई है, जो 31 जनवरी, 2026 तक भुगतान करते हैं। अनाधिकृत जल या सीवर कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए भी जुर्माने में substantial कमी की गई है।
अक्टूबर 1, 2025 से प्रभावी हुए प्रमुख नियम और परिवर्तन
1 अक्टूबर, 2025 से कई महत्वपूर्ण नियामक परिवर्तन और नए नियम प्रभावी हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में सुधार: गैर-सरकारी ग्राहक अब एक ही PAN का उपयोग करके कई योजनाओं में 100% तक इक्विटी में निवेश कर सकते हैं।
- RBI चेक क्लियरिंग सुधार: तेजी से निपटान के लिए 4 अक्टूबर, 2025 से चरणबद्ध तरीके से निरंतर चेक क्लियरिंग शुरू की जा रही है।
- ऑनलाइन गेमिंग विनियमन: वास्तविक पैसे वाले सट्टेबाजी और जुए वाले ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, केवल ई-स्पोर्ट्स और कौशल-आधारित खेलों की अनुमति है।
- UPI लेनदेन: NPCI ने बढ़ी हुई सुरक्षा के लिए P2P "कलेक्ट रिक्वेस्ट" सुविधा को बंद कर दिया है।
- बैंक लॉकर समझौते: ग्राहकों को RBI मानदंडों के अनुसार 1 अक्टूबर, 2025 तक बैंकों के साथ समझौतों को नवीनीकृत/अद्यतन करना होगा।
- PAN-आधार लिंकिंग: कर चोरी रोकने और वित्तीय लेनदेन को सुव्यवस्थित करने के लिए 4 अक्टूबर, 2025 से PAN को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
- आयकर फाइलिंग की अंतिम तिथि: इसे 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2025 कर दिया गया है।
- बढ़े हुए सामाजिक सुरक्षा लाभ: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 95) के तहत पेंशन और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत लाभों में वृद्धि की गई है।
- पर्यावरण नियम: उत्सर्जन मानकों को सख्त किया गया है और अपशिष्ट निपटान प्रोटोकॉल को अधिक विनियमित किया गया है।
- उपभोक्ता अधिकार: ई-कॉमर्स में खरीदारों के अधिकारों का विस्तार किया गया है, तेजी से वापसी और स्पष्ट वापसी नीतियों को अनिवार्य किया गया है।
ये अपडेट भारत सरकार की नागरिकों के कल्याण, आर्थिक विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।