GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

October 15, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी: नवीनतम अपडेट (14-15 अक्टूबर 2025)

पिछले 24-48 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आई हैं, जिनमें इसरो द्वारा एक्सपोसैट मिशन के वैज्ञानिक डेटा जारी करना, अंटार्कटिका में नए मैत्री-II अनुसंधान केंद्र की स्थापना की मंजूरी, और अवसंरचनात्मक नियोजन के लिए पीएम गतिशक्ति पहल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, विज्ञान संचार को बढ़ावा देने और STEM शिक्षा में सुधार के लिए कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं, जबकि देश ने हाल ही में अपने पहले सेमीकंडक्टर नवाचार संग्रहालय का उद्घाटन किया है और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड स्तर हासिल किए हैं।

भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पिछले 24-48 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं, जो देश की वैज्ञानिक प्रगति और तकनीकी नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

इसरो का एक्सपोसैट मिशन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 14 अक्टूबर, 2025 को एक्सपोसैट (XPoSat) मिशन पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया और इस मिशन से प्राप्त वैज्ञानिक डेटा जारी किया। एक्सपोसैट भारत की अंतरिक्ष-आधारित एक्स-रे खगोल विज्ञान वेधशाला है, जो लगभग 650 किलोमीटर की निचली पृथ्वी कक्षा (LEO) में स्थित है। यह मिशन ब्रह्मांडीय एक्स-रे स्रोतों के ध्रुवीकरण और स्पेक्ट्रोस्कोपिक जानकारी का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो खगोल भौतिकी में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।

अंटार्कटिका में मैत्री-II अनुसंधान केंद्र

भारत अंटार्कटिका में अपनी वैज्ञानिक उपस्थिति का विस्तार करने के लिए तैयार है, क्योंकि वित्त मंत्रालय ने नए मैत्री-II अनुसंधान केंद्र की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह केंद्र जनवरी 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है और यह अंटार्कटिका में भारत का चौथा अनुसंधान केंद्र होगा। मैत्री-II को हरित अनुसंधान आधार के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग किया जाएगा। यह केंद्र मानवरहित संचालन के लिए स्वचालित उपकरणों से लैस होगा, जिसका डेटा भारत को प्रेषित किया जाएगा।

पीएम गतिशक्ति पहलें

14 अक्टूबर, 2025 को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (NMP) के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत के अवसंरचनात्मक नियोजन और विकास इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई नई पहलें शुरू की गईं। इनमें 'पीएम गतिशक्ति पब्लिक' शामिल है, जो NMP प्लेटफॉर्म को निजी क्षेत्र के लिए खोलता है और भू-स्थानिक डेटा तक व्यापक पहुंच सक्षम बनाता है। 'पीएम गतिशक्ति-अपतटीय' अपतटीय विकास के एकीकृत नियोजन और प्रबंधन के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो भारत की ब्लू इकोनॉमी को मजबूत करेगा। इसके अतिरिक्त, 112 आकांक्षी जिलों के लिए पीएम गतिशक्ति जिला मास्टर प्लान (DMP) और लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता, उन्नति और प्रदर्शन शील्ड (LEAPS) 2025 भी लॉन्च किए गए।

विज्ञान संचार और STEM शिक्षा में सुधार

14 से 15 अक्टूबर, 2025 तक पालमपुर में 'संवाद से संचार सबके लिए विज्ञान' नामक दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विज्ञान प्रसार और समावेशी संचार के लिए नई रणनीतियों की खोज करना है, जिसमें अग्रणी वैज्ञानिक और संचारक एक साथ आए। इसी तरह, सरायकेला में विज्ञान और गणित के शिक्षकों के लिए एक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य उन्हें STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के क्षेत्र में नवीनतम शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना है, ताकि विद्यार्थियों में विज्ञान और गणित के प्रति रुचि बढ़ाई जा सके।

भारत का पहला सेमीकंडक्टर नवाचार संग्रहालय

हाल ही में, भारत के पहले सेमीकंडक्टर नवाचार संग्रहालय का हैदराबाद में उद्घाटन किया गया। यह संग्रहालय देश की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करता है और रक्षा, अंतरिक्ष, गतिशीलता तथा उपभोक्ता प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर के उपयोग को उजागर करता है। यह वैश्विक चिप कमी, आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन पर भू-राजनीतिक ध्यान और इलेक्ट्रिक वाहन (EV), 5G, IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) और AI-आधारित उत्पादों में बढ़ती मांग के बीच भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विस्तार को दर्शाता है।

नवीकरणीय ऊर्जा में रिकॉर्ड उत्पादन

भारत ने 2025 की पहली छमाही में सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन के रिकॉर्ड स्तर के साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। ऊर्जा थिंक-टैंक एम्बर की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में नवीकरणीय ऊर्जा में वृद्धि से 24 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आई है। सौर ऊर्जा उत्पादन में 25% की वार्षिक वृद्धि देखी गई, जबकि पवन ऊर्जा उत्पादन में 29% की वृद्धि हुई। यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रगति और पेरिस समझौते के तहत अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Back to All Articles