भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी प्रगति जारी रखी है, जिसमें पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ और स्वीकृतियाँ हुई हैं।
अंटार्कटिका में नए अनुसंधान स्टेशन 'मैत्री-II' को मंजूरी
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अंटार्कटिका में भारत के चौथे अनुसंधान स्टेशन, 'मैत्री-II' की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। इस स्टेशन के जनवरी 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह नया स्टेशन पुराने मैत्री स्टेशन की जगह लेगा, जिसकी मूल डिज़ाइन अवधि 10 वर्ष से अधिक हो चुकी है और इसमें अपशिष्ट प्रबंधन जैसी समस्याएँ थीं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत गोवा स्थित राष्ट्रीय ध्रुवीय एवं महासागर अनुसंधान केंद्र (NCPOR) इस परियोजना का नेतृत्व कर रहा है। यह पहल अंटार्कटिक संधि प्रणाली (ATS, 1959) के तहत भारत की दीर्घकालिक वैज्ञानिक उपस्थिति को मजबूत करेगी।
बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) का तीसरा चरण स्वीकृत
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) के तीसरे चरण को स्वीकृति दे दी है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैव चिकित्सा अनुसंधान के माध्यम से विज्ञान में भारत की भविष्य की नीतियों को आकार देना और 'विकसित भारत 2047' के अनुरूप देश की नवाचार क्षमता को बढ़ाना है। यह चरण 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगा और इसका कुल बजट ₹1,500 करोड़ है, जिसमें जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) से ₹1,000 करोड़ और यूके के वेलकम ट्रस्ट से ₹500 करोड़ का योगदान शामिल है। BRCP Phase-III का लक्ष्य क्षेत्रीय असमानता को दूर करना और विशेष रूप से महिला वैज्ञानिकों के लिए समावेशिता को बढ़ावा देना भी है।
अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) योजना के लिए दिशानिर्देश और विशेष प्रयोजन कोष
अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) योजना के लिए दिशानिर्देश और एक विशेष प्रयोजन कोष (SPF) को मंजूरी दी गई है। यह कोष, ₹1 लाख करोड़ के साथ स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, परिवर्तनकारी परियोजनाओं का समर्थन करना और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इसे अनुसंधान राष्ट्रीय शोध प्रतिष्ठान (ANRF) द्वारा प्रबंधित किया जाएगा और यह प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (TRLs) 4 और उससे ऊपर की परियोजनाओं पर केंद्रित होगा।
भारत में AI पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार
भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा संचालित एक नए युग के मुहाने पर खड़ा है, जहाँ प्रौद्योगिकी जीवन को बदल रही है और राष्ट्र की प्रगति को आकार दे रही है। भारत का प्रौद्योगिकी क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है, इस वर्ष वार्षिक राजस्व के $280 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आंकड़ा पार कर जाने का अनुमान है। प्रौद्योगिकी और AI पारिस्थितिकी तंत्र में 6 मिलियन से अधिक लोग कार्यरत हैं। 'इंडिया AI मिशन' का लक्ष्य 2047 तक आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति के लिए AI का लाभ उठाना है। नीति आयोग की अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट "समावेशी सामाजिक विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता" स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन में AI की भूमिका पर प्रकाश डालती है।
आयुष मंत्रालय द्वारा 'द्रव्य पोर्टल' का शुभारंभ
आयुष मंत्रालय ने गोवा में 'द्रव्य पोर्टल' का शुभारंभ किया है। यह बहुमुखी मानदंड के लिए एक AI-आधारित डिजिटाइज्ड पुनर्प्राप्ति अनुप्रयोग है। इस पोर्टल का उद्देश्य आयुर्वेदिक अवयवों और योग का सबसे व्यापक डिजिटल भंडार बनाना है, जो भारत की समृद्ध औषधीय विरासत के अनुसंधान, विनियमन और वैश्विक मान्यता को मजबूत करने के लिए आयुष ग्रिड के साथ एकीकृत होगा।
फिनटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम में वृद्धि
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फिनटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। 2025 के पहले नौ महीनों में इसने $1.6 बिलियन की फंडिंग जुटाई है।
फोनपे का नया स्मार्टस्पीकर 'फोनपे स्मार्टपॉड'
फोनपे ने अपना नेक्स्ट-जेन स्मार्टस्पीकर 'फोनपे स्मार्टपॉड' पेश किया है, जिसे व्यापारियों और ग्राहकों की बदलती भुगतान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।