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October 11, 2025 प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दैनिक करंट अफेयर्स: भारत सरकार की नवीनतम योजनाएँ और नीतियाँ (10-11 अक्टूबर, 2025)

पिछले 24-48 घंटों में, भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, असंगठित श्रमिकों को सशक्त बनाना, श्रम सुरक्षा में सुधार करना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'पीएम धन-धान्य कृषि योजना' और 'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन' का शुभारंभ किया है, जबकि नीति आयोग ने असंगठित क्षेत्र के लिए एक एआई रोडमैप जारी किया है। इसके अतिरिक्त, एक नई व्यापक श्रम नीति 'श्रम शक्ति नीति 2025' तैयार की जा रही है, और टेली मानस ऐप के लिए नई पहल शुरू की गई हैं। भारत और यूके के बीच एआई और जलवायु प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति हुई है।

कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई पहलें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर, 2025 को दो महत्वपूर्ण कृषि पहलों, 'पीएम धन-धान्य कृषि योजना' और 'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन' का शुभारंभ किया है। 24,000 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली पीएम धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना, और पंचायत तथा ब्लॉक स्तर पर फसलोत्तर भंडारण क्षमता में वृद्धि करना है। इसमें सिंचाई सुविधाओं में सुधार और चयनित 100 जिलों में दीर्घकालिक व अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाना भी शामिल है।

इसी के साथ शुरू किया गया 'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन', घरेलू मांग और दलहन उत्पादन के बीच के मौजूदा अंतर को कम करने पर केंद्रित है। इस मिशन का लक्ष्य 2030-31 तक दलहन की खेती के तहत क्षेत्र को 27.5 मिलियन हेक्टेयर से बढ़ाकर 31 मिलियन हेक्टेयर करना और उत्पादन को 24.2 मिलियन टन से बढ़ाकर 35 मिलियन टन करना है। उत्पादकता को भी 880 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर किया जाएगा। सरकार उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराएगी और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100% उपज की खरीद सुनिश्चित करेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि सरकार ने फसल वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 40 प्रतिशत बढ़ाकर 350 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है।

असंगठित श्रमिकों के लिए एआई रोडमैप

नीति आयोग ने भारत के लगभग 49 करोड़ असंगठित श्रमिकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से "AI for Inclusive Societal Development" नामक एक ऐतिहासिक रोडमैप लॉन्च किया है। यह पहल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य अग्रणी तकनीकों के माध्यम से असंगठित क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाने का एक राष्ट्रीय प्रयास है। इस रोडमैप का मुख्य आधार "मिशन डिजिटल श्रमसेतु" है, जिसका लक्ष्य हर असंगठित श्रमिक को एआई-आधारित समाधान सुलभ, सस्ते और प्रभावशाली रूप में उपलब्ध कराना है। यह मिशन वित्तीय असुरक्षा, सीमित बाजार पहुंच, कौशल की कमी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव जैसी प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने के लिए ब्लॉकचेन और इमर्सिव लर्निंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करेगा।

नई श्रम नीति 'श्रम शक्ति नीति 2025'

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एक नई व्यापक श्रम नीति, 'श्रम शक्ति नीति 2025' तैयार कर रहा है। इस नीति का उद्देश्य श्रमिकों को सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना, और देश में एक निष्पक्ष, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार कार्यबल बनाना है। यह नीति तीन चरणों में लागू की जाएगी और इसमें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकरण शामिल होगा। केंद्र सरकार हरित रोजगार को बढ़ावा देगी और पारदर्शी निगरानी के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय श्रम डेटा संरचना स्थापित करेगी।

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 के अवसर पर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने टेली मानस ऐप के लिए नई पहलें शुरू की हैं। यह कदम एक लचीला, समावेशी और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन पहलों का उद्देश्य प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और जागरूकता कार्यक्रमों का लाभ उठाकर मानसिक स्वास्थ्य उपचार के अंतर को कम करना है।

भारत-यूके के बीच रणनीतिक सहयोग

9 अक्टूबर, 2025 को जारी भारत-यूके संयुक्त वक्तव्य में एआई, महत्वपूर्ण खनिजों, जैव प्रौद्योगिकी और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस सहयोग में इंडिया-यूके जॉइंट सेंटर फॉर एआई और क्लाइमेट टेक स्टार्ट-अप फंड में एक नया संयुक्त निवेश जैसी पहलें शामिल हैं। इसका उद्देश्य जिम्मेदार और भरोसेमंद एआई को आगे बढ़ाना, महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और जलवायु प्रौद्योगिकी में नवाचार को बढ़ावा देना है।

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