भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के परिदृश्य में उल्लेखनीय प्रगति की है, जो नवाचार और आत्मनिर्भरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये घटनाक्रम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में निजी भागीदारी
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत के निजी क्षेत्र ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को खोलने की सरकार की पहल की उम्मीद नहीं की थी और अभी भी इन क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया में है। उन्होंने उल्लेख किया कि 2022 में 8.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, अगले दशक में लगभग पांच गुना बढ़ने की राह पर है। न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) जैसे सुधारों के कारण पिछले पांच वर्षों में 300 से अधिक अंतरिक्ष स्टार्टअप उभरे हैं, जिससे भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा अंतरिक्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 के 9वें संस्करण का उद्घाटन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में मोबाइल डेटा अब एक कप चाय से भी सस्ता है, और देश विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि मोबाइल विनिर्माण में 28 गुना और निर्यात में 127 गुना वृद्धि हुई है। IMC 2025, एशिया का सबसे बड़ा दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी कार्यक्रम है, जिसमें 150 से अधिक देशों और 400 कंपनियों की भागीदारी है, जो 6G, AI, क्वांटम संचार और सेमीकंडक्टर्स जैसे प्रमुख विषयों पर केंद्रित है।
AI स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान
तीन भारतीय स्टार्टअप्स - हाइपरबॉट्स (Hyperbots), स्मालेस्ट AI (Smallest AI) और स्टिम्युलर (Stimuler) - को AWS जनरेटिव AI एक्सेलेरेटर (GAIA) के लिए चुना गया है। यह आठ-सप्ताह का कार्यक्रम प्रारंभिक चरण की उन कंपनियों को आगे बढ़ाने में मदद करता है जो मूलभूत जनरेटिव AI प्रौद्योगिकियों का निर्माण कर रही हैं। यह चयन भारत के उभरते AI इकोसिस्टम और नवाचार क्षमता को रेखांकित करता है।
रक्षा प्रौद्योगिकी में उन्नति
उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) कार्यक्रम भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण छलांग का प्रतिनिधित्व करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत एवियोनिक्स, सुपर-क्रूज क्षमता, आंतरिक हथियार बे और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली से लैस पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान का विकास करना है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' पहल का समर्थन करता है।
अंटार्कटिका के लिए पहला सीधा एयर कार्गो मिशन
भारत ने अंटार्कटिका के लिए अपना पहला सीधा एयर कार्गो मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किया है, जिसमें 18 टन वैज्ञानिक उपकरण ले जाए गए। यह मिशन ध्रुवीय अनुसंधान में भारत की बढ़ती क्षमताओं और वैज्ञानिक अन्वेषण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।