GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

October 09, 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था: वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन, मजबूत निर्यात और सुधारों पर जोर

पिछले 24 घंटों की खबरों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का "प्रमुख विकास इंजन" बताया है, अमेरिकी शुल्कों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था में 7.8% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। डुन एंड ब्रैडस्ट्रीट की रिपोर्ट भी भारत की आर्थिक गति को बनाए रखने और घरेलू मांग तथा निर्यात विविधीकरण के कारण अमेरिकी शुल्कों के सीमित प्रभाव को दर्शाती है। विश्व बैंक ने FY27 के लिए भारत के जीडीपी पूर्वानुमान को संशोधित किया है, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि का अनुमान बढ़ाया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि और सरकार की परिवर्तनकारी आर्थिक सुधारों की तैयारी पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारत में निवेश और नवाचार के लिए अनुकूल माहौल पर जोर दिया।

हालिया आर्थिक घटनाक्रमों में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के "प्रमुख विकास इंजन" के रूप में सराहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्कों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था ने Q1 FY 2025-26 में 7.8% की मजबूत वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर्ज की है, जो खपत और निवेश से प्रेरित है।

डुन एंड ब्रैडस्ट्रीट की अक्टूबर 2025 की 'इकोनॉमी ऑब्जर्वर' रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था अपनी गति बनाए हुए है। अगस्त 2025 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 4.0% रहा, जिसमें खनन क्षेत्र में मजबूत उछाल और बिजली क्षेत्र के उत्पादन में सुधार का योगदान रहा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिकी शुल्कों का निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, लेकिन निर्यात विविधीकरण प्रयासों, सहायक नीतिगत माहौल और मजबूत घरेलू बाजार, विशेष रूप से ग्रामीण मांग के कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद पर समग्र प्रभाव सीमित रहेगा। अगस्त 2025 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बढ़कर 2.1% हो गया, लेकिन यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2% से 6% के लक्ष्य के भीतर है।

विश्व बैंक ने भारत के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद के पूर्वानुमानों को संशोधित किया है। अमेरिकी शुल्कों से उत्पन्न जोखिमों के कारण FY27 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.3% तक कम कर दिया गया है। हालांकि, चालू वित्त वर्ष के लिए पूर्वानुमान को 20 आधार अंकों से बढ़ाकर 6.5% कर दिया गया है, जो अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की उम्मीद से अधिक वृद्धि दर से प्रेरित है। विश्व बैंक ने भारत सरकार द्वारा उपभोग को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत आयकर दरों में कमी और जीएसटी दरों में कटौती जैसे सुधारों को लागू करने की 'तत्परता' पर भी ध्यान दिया।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद, चालू वित्त वर्ष के पिछले छह महीनों में भारत के निर्यात में 4-5% की वृद्धि हुई है, जो देश के लचीलेपन को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स और विकसित देशों के साथ विस्तारित व्यापार संबंधों के साथ एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। गोयल ने यह भी संकेत दिया कि सरकार परिवर्तनकारी आर्थिक सुधारों के एक नए दौर के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 में अपने संबोधन के दौरान भारत की डिजिटल प्रगति पर प्रकाश डाला और कहा कि यह "भारत में निवेश, नवाचार और निर्माण के लिए सबसे अच्छा समय" है। उन्होंने भारत को दुनिया के दूसरे सबसे बड़े दूरसंचार और 5G बाजार के रूप में भी रेखांकित किया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वैश्विक निवेशकों को राज्य के "व्यापार-अनुकूल" पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने राज्य की 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' नीति, नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे तेजी से बुनियादी ढांचे के विकास और 2030 तक 50% ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

पूंजी बाजार में, योग्य संस्थागत खरीदार (QIBs) भारतीय प्राथमिक बाजार में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरे हैं, विशेष रूप से वीवर्क इंडिया जैसे बड़े आईपीओ के लिए "उद्धारकर्ता" के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां खुदरा और गैर-संस्थागत मांग कमजोर रहने पर अंतिम दिन QIBs की महत्वपूर्ण भागीदारी देखी गई। टाटा कैपिटल का आईपीओ भी इस महीने के प्रमुख बाजार आयोजनों में से एक है।

Back to All Articles