भारत सरकार ने पिछले 24-48 घंटों में देश के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों से संबंधित घोषणाएं की हैं। इन पहलों का उद्देश्य सामाजिक कल्याण, आर्थिक विकास और नागरिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि
केंद्र सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 8% की वृद्धि की घोषणा की है। इस बढ़ोतरी के साथ, महंगाई भत्ता 50% से बढ़कर 58% हो गया है, जो अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा। इस फैसले से लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि उनकी सैलरी और पेंशन में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
नई 'श्रम शक्ति नीति-2025' की तैयारी
केंद्र सरकार जल्द ही 'श्रम शक्ति नीति-2025' पेश करने की तैयारी में है। इस नीति का उद्देश्य श्रमिकों के कार्यस्थल, वेतन, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को बेहतर बनाना है। यह नीति सभी श्रमिकों के लिए समान वेतन, बेहतर कार्यस्थल सुविधाएं, सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली लागू करने और महिलाओं व युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस नीति का मसौदा तैयार कर लिया है और अब हितधारकों से सुझाव मांगे जाएंगे।
'विकसित भारत बिल्डथॉन 2025' के पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ी
शिक्षा मंत्रालय ने अटल नवाचार मिशन और नीति आयोग के सहयोग से शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी छात्र नवाचार आंदोलन 'विकसित भारत बिल्डथॉन 2025' के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर, 2025 तक बढ़ा दी है। यह पहल देश भर के लगभग ढाई लाख स्कूलों के छात्रों को 'वोकल फॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत', 'स्वदेशी' और 'समृद्ध भारत' जैसे विषयों पर समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। शीर्ष टीमों को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
दिवाली से पहले बड़े आर्थिक सुधारों के संकेत
नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने संकेत दिया है कि सरकार दिवाली तक बड़े आर्थिक सुधारों की घोषणा कर सकती है। इन सुधारों का ध्यान 13-14 प्रमुख क्षेत्रों, विशेषकर व्यापार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) पर होगा। सरकार 'नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन' शुरू करने के अंतिम चरण में भी है, जिसका उद्देश्य भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना है।
प्रधान मंत्री का महाराष्ट्र दौरा और नई पहलें
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 8-9 अक्टूबर, 2025 को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे, जहाँ वे नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे और मुंबई में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। वे 11 सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए एकीकृत कॉमन मोबिलिटी ऐप "मुंबई वन" भी लॉन्च करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रधान मंत्री कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग की एक प्रमुख पहल, 'अल्पकालिक रोजगार योग्यता कार्यक्रम (STEP)' का भी उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य आईटीआई और तकनीकी उच्च विद्यालयों में कौशल विकास को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना है।
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) का प्रभाव
केंद्र सरकार की परंपरागत कृषि विकास योजना, जिसे 2015 में शुरू किया गया था, ने भारत में जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना से अब तक 25 लाख से अधिक किसानों को लाभ हुआ है और लगभग 15 लाख हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की जा रही है। योजना के तहत किसानों को जैविक इनपुट, प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण और विपणन के लिए प्रति हेक्टेयर 31,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
जन योजना अभियान (PPC) 2025-26
पंचायती राज मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जन योजना अभियान (PPC) 2025-26: 'सबकी योजना, सबका विकास' शुरू किया है। यह अभियान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत विकास योजनाएं (PDP) तैयार करने की राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया शुरू करता है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से विकेंद्रीकरण को मजबूत करना है।
अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं और पहल
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY): अगस्त 2025 में शुरू की गई, इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजित करना है, जिसमें पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं और नियोक्ताओं दोनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- आईटीआई अपग्रेडेशन स्कीम (हब एंड स्पोक मॉडल): मई 2025 में स्वीकृत, यह योजना 1,000 सरकारी आईटीआई के आधुनिकीकरण और पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कुशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।
- मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस: ₹11,440 करोड़ के बजट के साथ, इस मिशन का उद्देश्य 2030-31 तक दालों का उत्पादन 350 लाख टन तक बढ़ाना है ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।
- इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS): ₹1.15 लाख करोड़ से अधिक के नए प्रस्तावों के साथ, यह योजना भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का केंद्र बनाने, आयात कम करने और रोजगार सृजित करने पर केंद्रित है।
- RoDTEP योजना का विस्तार: निर्यातकों को कर रियायतें प्रदान करने वाली RoDTEP (Remission of Duties and Taxes on Export Products) योजना को मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।