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October 08, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अपडेट्स (7-8 अक्टूबर 2025)

पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी नवाचार पर जोर दिया, जिसमें भविष्य के युद्ध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एल्गोरिदम की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर, 2025 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) का उद्घाटन करेंगे, जो 5G, 6G और AI जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित होगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वच्छता अभियान में प्रौद्योगिकी के उपयोग का आह्वान किया और इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC-2025) के पूर्वावलोकन का भी अनावरण किया। वैश्विक स्तर पर, 7 अक्टूबर, 2025 को भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई, जिसमें क्वांटम यांत्रिकी पर महत्वपूर्ण कार्य के लिए तीन वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति पर जोर

7 अक्टूबर, 2025 को, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'रक्षा नवाचार संवाद' कार्यक्रम में भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण पर महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के अंत तक घरेलू स्रोतों से 1.20 लाख करोड़ रुपये मूल्य के सैन्य उपकरण और हथियार खरीदे गए हैं, जो 2021-22 में लगभग 74,000 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। सिंह ने इस बदलाव को केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि मानसिकता के परिवर्तन का प्रतीक बताया।

रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भविष्य के युद्ध अब पारंपरिक तोपों और गोलों से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एल्गोरिदम, स्वायत्त प्रणालियों, ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, क्वांटम कंप्यूटिंग और निर्देशित-ऊर्जा हथियारों से लड़े जाएंगे। उन्होंने नवप्रवर्तकों से युद्ध को नई परिभाषा देने वाली प्रौद्योगिकियों के विकास का आग्रह किया और कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी में नकलची नहीं, बल्कि विश्व के लिए निर्माता और मानक-निर्धारक बनना चाहिए।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने डिफेंस टेक्नोलॉजी में माइनर डिग्री लॉन्च की है। यह पहल रक्षा क्षेत्र में कुशल, अभिनव और उत्साही प्रतिभाओं को तैयार करने पर केंद्रित है। रक्षा नवाचार के लिए इनोवेशन (iDEX) पहल को भी बड़ी सफलता मिली है, जिसमें सात वर्षों में 650 से अधिक iDEX विजेता सामने आए हैं और 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोटोटाइप की खरीद सुनिश्चित हुई है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025: डिजिटल क्रांति का प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर, 2025 को दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 का उद्घाटन करेंगे। यह एशिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और नवाचार आयोजनों में से एक है, जो भारत की डिजिटल प्रगति और तकनीकी नेतृत्व को प्रदर्शित करेगा। 'नवाचार से परिवर्तन' की थीम पर आधारित यह आयोजन 8 से 11 अक्टूबर तक चलेगा।

IMC 2025 का उद्देश्य 5G, 6G इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सैटेलाइट कम्युनिकेशन, साइबर सुरक्षा, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और स्वदेशी नवाचार जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करना है। इस कार्यक्रम में 1.5 लाख से अधिक आगंतुकों, 150 से अधिक देशों के 7,000 प्रतिनिधियों और 400 प्रदर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है। इसमें इंटरनेशनल भारत 6G संगोष्ठी और इंटरनेशनल AI समिट सहित छह प्रमुख वैश्विक शिखर सम्मेलन भी शामिल होंगे।

स्वच्छता अभियान और उभरती प्रौद्योगिकियों पर जोर

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 7 अक्टूबर, 2025 को स्वच्छता अभियान में प्रौद्योगिकी और अपशिष्ट से राजस्व पद्धतियों को शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वच्छता को दैनिक जीवन में एक आदर्श, आदत और समावेश बनाने के लिए नागरिकों में जागरूकता के महत्व पर जोर दिया।

इसके अतिरिक्त, डॉ. जितेंद्र सिंह ने 6 अक्टूबर, 2025 को इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC-2025) के पूर्वावलोकन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कॉन्क्लेव 3 से 5 नवंबर, 2025 तक भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा, जिसका विषय 'विकसित भारत 2047 के लिए कल्पना करें, नवाचार करें, प्रेरित करें' होगा। यह सम्मेलन सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक, अंतरिक्ष और स्वच्छ ऊर्जा जैसे ग्यारह विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जो युवा नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार 2025

7 अक्टूबर, 2025 को, जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें एक इलेक्ट्रिक सर्किट में मैक्रोस्कोपिक क्वांटम मैकेनिकल टनलिंग और ऊर्जा क्वांटाइजेशन की खोज के लिए यह पुरस्कार मिला है।

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