भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है, जो देश की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं और महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में मील के पत्थर: चंद्रमा मिशन और अंतरिक्ष यात्री की वापसी
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 18 अगस्त, 2025 को लोकसभा में एक विशेष चर्चा के दौरान घोषणा की कि भारत 2040 तक चंद्रमा पर एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को उतारने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सहायक होगा।
इसी बीच, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अपने ऐतिहासिक Axiom-4 मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद लौटे पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री को वह भारतीय तिरंगा भेंट किया जिसे वे अपने अंतरिक्ष मिशन के दौरान ISS पर ले गए थे। शुभांशु शुक्ला के मिशन ने भारतीय प्रणालियों और प्रोटोकॉल का वास्तविक अंतरिक्ष वातावरण में परीक्षण संभव बनाया और गगनयान कार्यक्रम के लिए अमूल्य व्यावहारिक अनुभव और डेटा प्रदान किया है।
डीप ओशन मिशन: नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
भारत का डीप ओशन मिशन (गहरा महासागर मिशन) देश की नीली अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। पांच वर्षों में ₹4077 करोड़ के कुल निवेश के साथ, यह मिशन भारत की नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, जिसमें मछली पकड़ने और शिपिंग से लेकर जैव प्रौद्योगिकी और पर्यटन तक सभी समुद्री-आधारित उद्योग शामिल हैं। इस मिशन के तहत, 'समुद्रयान' परियोजना 'मत्स्य 6000' नामक एक मानवयुक्त पनडुब्बी विकसित कर रही है, जो तीन व्यक्तियों को समुद्र की सतह से 6,000 मीटर नीचे तक की गहराई तक ले जाने में सक्षम होगी।
पुलिसिंग में एआई का सफल प्रयोग
नागपुर पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग करके एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने एआई की मदद से एक ट्रक और उसके ड्राइवर को 700 किलोमीटर दूर से सफलतापूर्वक ट्रैक कर गिरफ्तार किया। इसे देश में इस तरह का पहला मामला माना जा रहा है, जो अपराध जांच और अपराधियों की पहचान में एआई की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
दूरसंचार नेटवर्क में व्यवधान
18 अगस्त, 2025 को भारत के कई प्रमुख शहरों में एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया (Vi) के उपयोगकर्ताओं को मोबाइल नेटवर्क आउटेज (कॉल और इंटरनेट सेवाओं में रुकावट) का सामना करना पड़ा। हालांकि शाम तक एयरटेल ने अपनी सेवाओं को बहाल करना शुरू कर दिया, लेकिन कुछ उपयोगकर्ताओं को अभी भी कॉल ड्रॉप और इंटरनेट की धीमी गति जैसी समस्याओं का अनुभव हुआ।