नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिले, जो देश के आर्थिक परिदृश्य को आकार दे रहे हैं। शेयर बाजार में उछाल, रिकॉर्ड-उच्च सोने-चांदी की कीमतें और आगामी आर्थिक सुधार की उम्मीदें प्रमुख सुर्खियां रही हैं।
शेयर बाजार में शानदार तेजी
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए हरे निशान में क्लोजिंग दी। निफ्टी 183.40 अंकों की बढ़त के साथ 25,077.65 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 582.95 अंकों की बंपर तेजी के साथ 81,790.12 पर पहुंचा। इस तेजी को मुख्य रूप से बैंकिंग और आईटी शेयरों ने समर्थन दिया। टीसीएस, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, इंफोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और एसबीआई जैसे शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों के अनुसार, दूसरी तिमाही के नतीजों से पहले वित्तीय सेवाओं और आईटी क्षेत्रों में बढ़त ने बाजार को सकारात्मक बंद करने में मदद की। मंगलवार, 7 अक्टूबर को गिफ्ट निफ्टी सपाट शुरुआत का संकेत दे रहा है, हालांकि तकनीकी रूप से भारतीय बाजार में मजबूती की उम्मीद है।
सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल
सोमवार, 6 अक्टूबर और मंगलवार, 7 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखा गया, जिससे ये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। 6 अक्टूबर को, 24 कैरेट सोना औसतन ₹1,20,780 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जिसमें दिल्ली में यह ₹1,20,920 प्रति 10 ग्राम था। 7 अक्टूबर को, 24 कैरेट सोने की कीमत अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार ₹1,23,300 प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में भी तेज वृद्धि हुई, जो 6 अक्टूबर को लगभग ₹1,54,900 प्रति किलोग्राम थी और 7 अक्टूबर को ₹1,57,400 प्रति किलोग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर, सुरक्षित-निवेश की मांग और त्योहारी सीजन की खरीदारी को इस वृद्धि का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
आर्थिक दृष्टिकोण और नीतिगत पहल
एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में भारत में उपभोग में मजबूत सुधार की उम्मीद है। कर कटौती, ब्याज दरों में कमी और जीएसटी सुधार जैसे नीतिगत उपाय, बेहतर मानसून और कम मुद्रास्फीति के साथ मिलकर, घरेलू मांग और खर्च के लिए अनुकूल माहौल बना रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अक्टूबर में रेपो दर को 5.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय विकास और मूल्य स्थिरता में उसके विश्वास को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2027 तक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7% तक पहुंचने का अनुमान है, जो आरबीआई के मौजूदा अनुमान 6.5% से अधिक है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार दमदार रहने की उम्मीद है, जिसमें जीडीपी वृद्धि लगभग 7% रहने का अनुमान है।
नीति आयोग के सीईओ ने सुझाव दिया है कि भारत को अपनी व्यापार रणनीति में पड़ोसी देशों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि निर्यात को बढ़ावा मिल सके। भारत कई देशों जैसे ओमान, चिली, पेरू, अमेरिका, यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड और यूरेशिया के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) पर बातचीत को तेज कर रहा है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 6-7 अक्टूबर को कतर की यात्रा पर हैं, जहां भारत-कतर मुक्त व्यापार समझौते और व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) की शर्तों को अंतिम रूप देने पर चर्चा होगी। सरकार जीएसटी 3.0 के तहत रिफंड प्रक्रिया को स्वचालित करने की भी तैयारी कर रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। हालांकि, सितंबर में भारत के सेवा क्षेत्र की गति सुस्त रही, जिसमें पीएमआई गिरकर 60.9 पर आ गया, जो निर्यात और मांग में कमी से प्रभावित था।
कंपनियों से जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट्स
कई प्रमुख कंपनियों ने दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के ऋण संवितरण में 32% की वृद्धि हुई, जबकि यस बैंक के ऋणों में 6.5% और जमा में 7% की वृद्धि दर्ज की गई। एचडीएफसी बैंक की ऋण पुस्तिका में 9% और कोटक महिंद्रा बैंक के जमा में 14.4% की वृद्धि हुई। डीमार्ट (एवेन्यू सुपरमार्ट्स) के राजस्व में 15% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी दवा कंपनी एली लिली ने भारत में लगभग ₹8,880 करोड़ (लगभग $1 बिलियन) के निवेश की घोषणा की है।
अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम
गुजरात में 7 से 15 अक्टूबर तक 'विकास सप्ताह' मनाया जा रहा है, जो राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 24 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने खांसी के सिरप के तर्कसंगत उपयोग की सलाह दी है, खासकर बच्चों के लिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 9 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे।