भारत ने पिछले 24 घंटों में अपनी आर्थिक और व्यापारिक रणनीति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मोर्चे पर, भारत और कतर इस सप्ताह मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत शुरू करने के लिए संदर्भ की शर्तों को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 6 अक्टूबर से दोहा की दो दिवसीय यात्रा पर हैं, जहां वे कतर-भारत व्यापार एवं वाणिज्य संयुक्त आयोग की बैठक में भाग लेंगे। इस दौरान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
इसी बीच, भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ (EU) के वरिष्ठ अधिकारी भी ब्रुसेल्स में प्रस्तावित FTA के लिए 14वें दौर की वार्ता शुरू करेंगे। इस वार्ता का उद्देश्य मतभेदों को दूर कर समझौते को जल्द अंतिम रूप देना है। इसके अतिरिक्त, भारत दक्षिण अमेरिकी देशों चिली और पेरू के साथ भी व्यापार समझौतों के अगले दौर की बातचीत करेगा, जो क्रमशः अक्टूबर (27 अक्टूबर से) और नवंबर (3 नवंबर से) में निर्धारित हैं।
घरेलू मोर्चे पर, भारतीय शेयर बाजार के लिए आगामी सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाला है। बाजार की दिशा दूसरी तिमाही के नतीजों, अमेरिकी सरकार के संभावित शटडाउन और अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स जैसे वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से निर्धारित होगी। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और टाटा एलेक्सी जैसी कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित होने की उम्मीद है।
अक्टूबर का महीना भारतीय IPO बाजार के लिए एक रिकॉर्ड तोड़ने वाला साबित हो सकता है, जिसमें कंपनियों द्वारा 5 अरब डॉलर (लगभग 44.33 हजार करोड़ रुपये) से अधिक जुटाने की उम्मीद है। टाटा कैपिटल का IPO, जो खुदरा निवेशकों के लिए 6 अक्टूबर को खुल रहा है, इस महीने के प्रमुख IPOs में से एक है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने टाटा कैपिटल के IPO में ₹700 करोड़ का निवेश किया है।
इसके अलावा, अमेरिकी सरकार का शटडाउन, डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच फंडिंग प्रस्तावों पर टकराव के कारण, अगले सप्ताह भी जारी रहने की संभावना है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।