भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटी हैं, जो देश की प्रगति को दर्शाती हैं। ये अपडेट प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
फार्मा निर्यात में वृद्धि और बायोटेक क्षेत्र का विस्तार
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने 30 सितंबर, 2025 को घोषणा की कि भारत का फार्मा निर्यात, जो वर्तमान में लगभग 27 बिलियन डॉलर है, इस वर्ष 30 बिलियन डॉलर को पार करने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि देश का घरेलू फार्मा बाजार, जो 60 बिलियन डॉलर का है, 2030 तक 130 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। मंत्री ने भारत के बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र की तीव्र वृद्धि पर जोर दिया, जो 2014 में लगभग 50 स्टार्टअप से बढ़कर आज 11,000 से अधिक हो गया है। उन्होंने 'बायो3' नामक दुनिया की पहली समर्पित जैव प्रौद्योगिकी नीति के शुभारंभ की भी सराहना की, जिसका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और इसे प्रौद्योगिकी-संचालित राष्ट्र बनाना है।
भारत-EFTA मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन) के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी हो गया है। यह किसी यूरोपीय गुट के साथ भारत का पहला ऐसा समझौता है, जो व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा। इस समझौते में अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश की बाध्यकारी प्रतिबद्धता शामिल है और यह प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, नवाचार और कौशल विकास पर केंद्रित है। विशेष रूप से, नवीकरणीय ऊर्जा, EV घटकों और स्वास्थ्य विज्ञान जैसे क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है। यह समझौता भारत के निर्यातकों को बड़े यूरोपीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करेगा, साथ ही मेक इन इंडिया पहल को भी बढ़ावा देगा।
IMD में SODAR प्रणाली का उद्घाटन
30 सितंबर, 2025 को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) में एक नई SODAR (साउंड डिटेक्शन एंड रेंजिंग) प्रणाली सुविधा का उद्घाटन किया गया। CSIR के स्थापना दिवस के अवसर पर उद्घाटित यह प्रणाली CSIR-एडवांस्ड मैटेरियल्स एंड प्रोसेसेज रिसर्च इंस्टीट्यूट (AMPRI), भोपाल द्वारा डिज़ाइन और विकसित की गई है। यह समझौता ज्ञापन विभिन्न स्थानों पर SODAR प्रणाली डेटा को पूर्वानुमान, सत्यापन और अनुसंधान पहलों के लिए साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे मौसम संबंधी अनुसंधान में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
इस वर्ष सामान्य से 8% अधिक मानसूनी वर्षा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 सितंबर, 2025 को बताया कि भारत में इस वर्ष सामान्य से 8% अधिक मानसूनी वर्षा दर्ज की गई है। यह 2001 के बाद पांचवीं सबसे अधिक और 1901 के बाद 38वीं सबसे अधिक वर्षा है। IMD 1 जून से 30 सितंबर तक की वर्षा को मानसून डेटा की गणना के लिए मानता है। जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कृषि के लिए काफी अच्छा प्रदर्शन किया, इसने देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से उत्तरी भारत में जीवन और संपत्ति का नुकसान भी किया।