भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पिछले 24-48 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं:
IISc वैज्ञानिकों का विलवणीकरण में नवाचार
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के वैज्ञानिकों ने समुद्री जल को पीने योग्य पानी में बदलने के लिए एक सिफॉन-संचालित थर्मल विलवणीकरण प्रणाली विकसित की है। यह नई तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में पानी को तेजी से, सस्ते में और अधिक कुशलता से परिवर्तित करती है, जिससे वैश्विक जल सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
भारत की नवाचार वृद्धि की वैश्विक प्रशंसा
जापानी नोबेल पुरस्कार विजेता ताकाकी काजिता ने पिछले एक दशक में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) में भारत की लगातार वृद्धि की सराहना की है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर दिए गए जोर को दिया। काजिता ने कहा कि जापान को भारत से सीखना चाहिए कि सरकार को R&D के क्षेत्र पर कैसे ध्यान देना चाहिए।
सेमीकंडक्टर विनिर्माण में ₹3,330 करोड़ का निवेश
AI और प्रौद्योगिकी परिवर्तन समाधान फर्म UST ने गुजरात में सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए भारतीय सेमीकंडक्टर निर्माता Kaynes Semicon में ₹3,330 करोड़ के रणनीतिक निवेश की घोषणा की है। यह एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा होगी, जो भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण के भविष्य को आकार देने में मदद करेगी।
बिजली की मांग के पूर्वानुमान के लिए AI और उपग्रह इमेजरी
वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चेन्नई और UOW मलेशिया KDU यूनिवर्सिटी कॉलेज के शोधकर्ताओं ने उपग्रह इमेजरी और AI का उपयोग करके भारत की बिजली की खपत का सटीक अनुमान लगाने की एक नई विधि विकसित की है। यह शोध रात के समय उपग्रह डेटा का उपयोग करके व्यक्तिगत राज्यों की बिजली की मांग का अनुमान लगाने की क्षमता पर प्रकाश डालता है, जो टिकाऊ ऊर्जा योजना के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2025 की समीक्षा
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चंडीगढ़ में होने वाले इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2025 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्टार्टअप्स को कार्यक्रम में शामिल करने और सार्वजनिक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि विज्ञान को आम जनता के करीब लाया जा सके।
कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व यूनेस्को के विश्व नेटवर्क में शामिल
भारत के कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व (हिमाचल प्रदेश) को यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व्स (WNBR) में शामिल किया गया है। यह 2025 में शामिल होने वाला भारत का पहला उच्च ऊंचाई वाला कोल्ड डेजर्ट स्थल है, जो वैश्विक नेटवर्क में भारत के 13वें बायोस्फीयर रिजर्व को चिह्नित करता है।
राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सर्वेक्षण को निजी क्षेत्र से कम प्रतिक्रिया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा किए जा रहे राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सर्वेक्षण को निजी अनुसंधान एवं विकास फर्मों से कमजोर प्रतिक्रिया मिली है, जिसके कारण इसके विश्लेषण के प्रकाशन में देरी हो सकती है। सर्वेक्षण का उद्देश्य भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान की स्थिति का आकलन करना है।