भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण विकास हुए हैं, जो देश के आर्थिक परिदृश्य को आकार दे रहे हैं।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भारी निवेश
नई दिल्ली में 25 से 28 सितंबर तक आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 शिखर सम्मेलन ₹1.02 लाख करोड़ के निवेश समझौतों के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान 26 घरेलू और वैश्विक कंपनियों ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। इन निवेशों से 64,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 10 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने एकीकृत खाद्य विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए ₹40,000 करोड़ का समझौता किया है, जबकि तीन कोका-कोला बॉटलर्स ने ₹25,760 करोड़ का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। गोदरेज एग्रोवेट ने भी खाद्य प्रसंस्करण, अनुसंधान और विकास में ₹960 करोड़ के निवेश के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
भारत-EFTA व्यापार समझौता 1 अक्टूबर से होगा लागू
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच व्यापार समझौता 1 अक्टूबर से लागू होने वाला है। यह भारत का पहला यूरोपीय व्यापार समझौता है, जिसमें अगले 15 वर्षों में $100 बिलियन के निवेश और 1 मिलियन नौकरियों का वादा किया गया है।
RBI की मौद्रिक नीति और रेपो दर में कटौती की अटकलें
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 29 सितंबर को शुरू होगी और इसके निर्णयों की घोषणा 1 अक्टूबर को की जाएगी। एक एसबीआई अनुसंधान रिपोर्ट ने मुद्रास्फीति में कमी को देखते हुए 25 आधार अंकों की रेपो दर में कटौती को "सर्वोत्तम संभव विकल्प" बताया है। हालांकि, कुछ अन्य विशेषज्ञ भू-राजनीतिक और टैरिफ प्रभावों का आकलन करने के लिए यथास्थिति बनाए रखने की संभावना जता रहे हैं।
GST सुधारों से अर्थव्यवस्था को मजबूती
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि GST सुधारों ने देश की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाए हैं, जिससे आम लोगों को सीधा फायदा हुआ है। RBI ने भी एक लेख में कहा है कि GST सुधारों से खुदरा कीमतें कम होंगी और खपत बढ़ेगी। GST परिषद ने हाल ही में दर में कटौती को मंजूरी दी है, जिससे दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं शून्य कर स्लैब के तहत आ गई हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और टैरिफ पर तनाव
भारत और अमेरिका के बीच बाजार पहुंच और टैरिफ को लेकर व्यापार वार्ता में तनाव बना हुआ है। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने भारत से अपने बाजारों को और खोलने और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुँचाने वाली नीतियों को बदलने का आग्रह किया है, जिसमें रूस से तेल खरीद बंद करना भी शामिल है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय शिपमेंट पर 50% और फार्मास्यूटिकल्स पर 100% टैरिफ लगाने की संभावित धमकी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
खाद्य सुरक्षा और भंडारण में सुधार
भारत ने 2024-25 में 353.96 मिलियन टन के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन के साथ खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया है। सरकार कृषि अवसंरचना कोष और आधुनिक स्टील साइलो जैसी परियोजनाओं के माध्यम से भंडारण के बुनियादी ढांचे को भी बढ़ा रही है।
ग्रीन इकोनॉमी और जैव-अर्थव्यवस्था का विस्तार
भारत एक हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जिसकी जैव-अर्थव्यवस्था 2024 में $165.7 बिलियन तक पहुंच गई है। सरकार 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन और अमोनिया उत्पादन के लक्ष्य के साथ परियोजनाओं में निवेश कर रही है और पवन तथा सौर ऊर्जा का तेजी से विस्तार कर रही है।
आज के लिए महत्वपूर्ण स्टॉक
आज टाटा मोटर्स (JLR संचालन फिर से शुरू), ऑयल इंडिया (प्राकृतिक गैस की खोज), वारी एनर्जीज (अधिग्रहण) और गोदरेज एग्रोवेट (वर्ल्ड फूड इंडिया में MoU) जैसे कई स्टॉक निवेशकों के रडार पर रहेंगे। पिछले कारोबारी सत्र में, भारतीय इक्विटी बाजारों में गिरावट देखी गई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए।
कौटिल्य आर्थिक कॉन्क्लेव 2025
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 3 अक्टूबर को कौटिल्य आर्थिक कॉन्क्लेव (KEC 2025) का उद्घाटन करेंगी। यह कॉन्क्लेव वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत के विकास पथ पर ध्यान केंद्रित करेगा।
इंडियन पोर्ट्स एक्ट, 2025
एक नया 'इंडियन पोर्ट्स एक्ट, 2025' लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य बंदरगाह कानूनों का आधुनिकीकरण और एकीकरण करना, एकीकृत विकास को बढ़ावा देना और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करना है।