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September 28, 2025 भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नवीनतम अपडेट: स्वदेशी 4G नेटवर्क, गगनयान रोबोट 'व्योममित्र' और एस्ट्रोसैट का एक दशक

पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। इनमें ISRO के मानव-जैसे रोबोट 'व्योममित्र' का आगामी गगनयान मिशन के लिए दिसंबर 2025 में प्रक्षेपण, भारत का अपना स्वदेशी 4G मोबाइल नेटवर्क प्रौद्योगिकी का सफल अनावरण, और भारत की पहली मल्टी-वेवलेंथ अंतरिक्ष वेधशाला, एस्ट्रोसैट, का कक्षा में 10 साल पूरे करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सुरक्षा फ्रेमवर्क जारी करने और IIT इंदौर में महत्वपूर्ण विस्तार परियोजनाओं की घोषणा की गई है।

भारत ने पिछले 24 घंटों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय प्रगति की है, जो देश की तकनीकी क्षमता और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

गगनयान मिशन के लिए ISRO का AI रोबोट 'व्योममित्र'

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का AI-संचालित मानव-जैसा रोबोट, 'व्योममित्र', दिसंबर 2025 में बिना इंसान वाले गगनयान G1 कैप्सूल के साथ लॉन्च होने के लिए तैयार है। यह रोबोट मानव कार्यों का अनुकरण करेगा, पर्यावरणीय मापदंडों की निगरानी करेगा और भविष्य के मानवयुक्त मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा एकत्र करेगा। 'व्योममित्र' को ISRO के इनर्शियल सिस्टम्स यूनिट (IISU) द्वारा विकसित किया गया है और यह माइक्रो-ग्रेविटी के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों में संवाद कर सकता है, उड़ान प्रक्रियाओं की जांच कर सकता है, और क्रू मॉड्यूल डिस्प्ले पढ़ व कमांड समझ सकता है।

भारत का स्वदेशी 4G नेटवर्क प्रौद्योगिकी का अनावरण

भारत ने सफलतापूर्वक अपनी स्वदेशी 4G मोबाइल दूरसंचार नेटवर्क प्रौद्योगिकी लॉन्च की है, जिससे यह ऐसा करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में एक कार्यक्रम के दौरान इस तकनीक पर आधारित 90,000 से अधिक मोबाइल टावरों का उद्घाटन किया। दूरसंचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र मामलों के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस उपलब्धि को 'आत्मनिर्भर भारत' का वैश्विक उद्घोष बताया और पुष्टि की कि भारत इस तकनीक को अन्य देशों के साथ साझा करेगा। स्वदेशी 4G स्टैक में रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) तेजस नेटवर्क्स द्वारा, कोर नेटवर्क सी-डॉट (C-DOT) द्वारा, और सिस्टम इंटीग्रेशन टीसीएस (TCS) द्वारा किया गया है।

एस्ट्रोसैट ने पूरे किए 10 साल

भारत की पहली समर्पित मल्टी-वेवलेंथ अंतरिक्ष वेधशाला, एस्ट्रोसैट, ने 28 सितंबर, 2025 को कक्षा में अपने 10 साल पूरे किए। पांच साल के डिज़ाइन किए गए मिशन जीवन के बावजूद, एस्ट्रोसैट मूल्यवान डेटा प्रदान करना जारी रखा है और कई महत्वपूर्ण खोजें की हैं। इसने पराबैंगनी (UV) प्रकाश और इन्फ्रारेड दोनों में असामान्य रूप से चमकीले एक लाल विशाल तारे से संबंधित दो दशक पुराने रहस्य को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत का AI सुरक्षा फ्रेमवर्क

भारत सरकार 28 सितंबर, 2025 तक एक गैर-प्रिस्क्रिप्टिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन फ्रेमवर्क जारी करने वाली है। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य सुरक्षा सीमाओं को परिभाषित करना और नागरिकों को AI से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए जांच और संतुलन स्थापित करना है।

IIT इंदौर में विस्तार परियोजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT इंदौर में ₹624.57 करोड़ की विस्तार परियोजना की आधारशिला वर्चुअली रखी। इस परियोजना का लक्ष्य तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है, जिसमें अत्याधुनिक शैक्षणिक भवन, आवासीय परिसर और अनुसंधान उपकरण शामिल हैं।

मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए कृषि प्रौद्योगिकी

भारत मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए उन्नत कृषि तकनीकों का उपयोग कर रहा है। महाराष्ट्र में 'बारामती प्रयोग' AI और सटीक कृषि का उपयोग करता है, जिससे फसल की पैदावार में 40% तक की वृद्धि हुई है, जबकि इनपुट लागत और पानी का उपयोग कम हुआ है। राजस्थान में 'सॉइलफिकेशन टेक्नोलॉजी' का उपयोग करके रेगिस्तानी रेत को उपजाऊ मिट्टी में बदला जा रहा है, जो जल प्रतिधारण क्षमता को बढ़ाता है और फसल वृद्धि का समर्थन करता है।

यूनेस्को द्वारा कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व का पदनाम

भारत के कोल्ड डेजर्ट बायोस्फीयर रिजर्व को यूनेस्को द्वारा नामित किया गया है, जिससे यह यूनेस्को के विश्व बायोस्फीयर रिजर्व नेटवर्क (WNBR) में 13वां भारतीय बायोस्फीयर बन गया है। यह रिजर्व हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में लगभग 7,770 वर्ग किमी में फैला है और इसमें अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र और जीव-जंतु शामिल हैं।

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