GK Ocean

📢 Join us on Telegram: @current_affairs_all_exams1 for Daily Updates!
Stay updated with the latest Current Affairs in 13 Languages - Articles, MCQs and Exams

September 28, 2025 अमेरिकी नीतियों और FPI निकासी से भारतीय बाजार में उथल-पुथल; RBI दर कटौती और सरकारी उधार योजनाएं भी सुर्खियों में

पिछले 24 घंटों में, भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में अमेरिकी नीतियों के कारण महत्वपूर्ण उथल-पुथल देखी गई है। अमेरिका द्वारा भारतीय ब्रांडेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने और H-1B वीज़ा शुल्क में वृद्धि के कारण शेयर बाजारों में गिरावट आई है, खासकर आईटी और फार्मा क्षेत्रों में। इसके परिणामस्वरूप विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजारों से भारी पूंजी निकाली है। इन चुनौतियों के बीच, SBI रिसर्च ने मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने के कारण RBI द्वारा 25 आधार अंकों की दर कटौती का अनुमान लगाया है, जबकि सरकार ने FY26 की दूसरी छमाही के लिए ₹6.77 लाख करोड़ के उधार की योजना बनाई है। आगामी IPOs और GST दरों में कटौती से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पिछले 24 घंटों में, भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से प्रभावित हुआ है, जिसमें अमेरिकी व्यापार नीतियों और विदेशी निवेश प्रवाह का प्रमुख स्थान है।

अमेरिकी टैरिफ और H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि का प्रभाव

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा भारतीय ब्रांडेड और पेटेंट वाली दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा और H-1B वीज़ा शुल्क में संभावित वृद्धि है। इन घोषणाओं ने विशेष रूप से भारतीय आईटी और फार्मा क्षेत्रों को प्रभावित किया है, जिससे इन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। शुक्रवार को सेंसेक्स 733 अंक से अधिक गिरा, जबकि निफ्टी भी 24,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के ये कदम भारत के विकास के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2025 में विशेषज्ञों ने इस स्थिति से निपटने के लिए भारत को सुधारों और निवेश-आधारित विकास पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की निकासी

अमेरिकी नीतियों और भारतीय बाजार के उच्च मूल्यांकन को लेकर चिंताओं के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार से लगातार पूंजी निकाली है। पिछले हफ्ते, FPIs ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग ₹16,422 करोड़ की निकासी की। 2025 की शुरुआत के तीन महीनों में FPI विक्रेता रहे, फिर कुछ समय के लिए खरीदार बने, लेकिन जुलाई से सितंबर तक फिर से वे ज्यादा बिकवाली कर रहे हैं। इस निकासी के कारण पिछले सात महीनों में बाजार में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है, और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगभग 3.5% कमजोर हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि FPI निकासी का सबसे बुरा दौर लगभग खत्म हो गया है और भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और घरेलू मांग उन्हें फिर से आकर्षित कर सकती है।

RBI की मौद्रिक नीति और मुद्रास्फीति का दृष्टिकोण

SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आगामी मौद्रिक नीति में 25 आधार अंकों (bps) की दर कटौती कर सकता है, क्योंकि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहने की संभावना है। हालांकि, अधिकांश अर्थशास्त्री मौद्रिक नीति समिति (MPC) से 1 अक्टूबर को अपनी घोषणा में यथास्थिति बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 3 अक्टूबर को कौटिल्य आर्थिक कॉन्क्लेव का उद्घाटन करेंगी, जहां आर्थिक नीतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

सरकारी उधार और राजकोषीय उपाय

सरकार ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) के लिए ₹6.77 लाख करोड़ के उधार की योजना बनाई है, जिसमें ₹10,000 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में GST दरों में की गई कटौती से अगले साल तक मुद्रास्फीति कम होने और देश के विकास की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने LPG पोर्टेबिलिटी का प्रस्ताव दिया है, जिससे उपभोक्ताओं को अपने आपूर्तिकर्ता बदलने की सुविधा मिलेगी।

अन्य महत्वपूर्ण व्यावसायिक घटनाक्रम

  • WeWork इंडिया 3 अक्टूबर को ₹3,000 करोड़ का IPO लाने की योजना बना रहा है।
  • एक टाटा समूह की कंपनी भी 6 अक्टूबर को IPO लेकर आ रही है।
  • पावर टूल्स सेगमेंट 2035 तक $3.8 बिलियन से अधिक तक दोगुना होने की संभावना है, जिसकी CAGR 7.8% रहेगी।
  • अमेरिकी वाणिज्य सचिव ने भारत से 'बाजार खोलने' और 'अमेरिका को नुकसान पहुंचाने वाले कदमों को रोकने' का आह्वान किया है।
  • अर्जेंटीना भारत के लिए गुणवत्ता वाले खाद्य तेलों का सबसे विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बन गया है।

Back to All Articles