पिछले 24 घंटों में वैश्विक घटनाक्रमों में इजरायल-गाजा संघर्ष, रूस-नाटो के बीच बढ़ते तनाव और संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर तीखी बहस हावी रही है।
गाजा संघर्ष और संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू का बयान
गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच संघर्ष लगातार जारी है, जिसमें इजरायली हवाई हमलों और जमीनी अभियानों के कारण दर्जनों लोगों की मौत हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को पूरी तरह से खत्म करने तक युद्ध जारी रखने का संकल्प लिया। उनके इस बयान के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध में हॉल छोड़ दिया। नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राज्य के विचार को भी खारिज कर दिया, इसे इजरायल के लिए "राष्ट्रीय आत्महत्या" बताया। इस बीच, हमास ने कहा है कि संघर्ष विराम वार्ता निलंबित कर दी गई है। हालांकि, अमेरिका ने गाजा के लिए 21-सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव रखा है, जिसमें इजरायल की वापसी, हमास का निरस्त्रीकरण और भविष्य में फिलिस्तीनी राज्य की संभावना शामिल है, लेकिन नेतन्याहू ने इसका कड़ा विरोध किया है। भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (IBSA) जैसे देशों ने इजरायली हमलों की निंदा की है और सैनिकों की वापसी तथा तत्काल संघर्ष विराम की मांग की है।
रूस-नाटो तनाव में वृद्धि
रूस और नाटो के बीच तनाव में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने नाटो और यूरोपीय संघ पर रूस के खिलाफ "वास्तविक युद्ध" छेड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने किसी भी आक्रामकता के लिए "निर्णायक प्रतिक्रिया" की चेतावनी दी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि रूस का नाटो देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। ये बयान एस्टोनिया और पोलैंड के हवाई क्षेत्र में कथित रूसी घुसपैठ के बाद आए हैं, जिसे नाटो सदस्यों ने उकसावे वाली कार्रवाई बताया है।
UNGA में भारत-पाकिस्तान का टकराव
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को "वैश्विक आतंकवाद का केंद्र" बताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले को सीमा पार बर्बरता का एक हालिया उदाहरण बताया और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। पाकिस्तान ने जवाब में भारत पर उसे बदनाम करने का आरोप लगाया, जिस पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ने सीमा पार आतंकवाद में उसकी संलिप्तता की पुष्टि की है।