वैश्विक स्तर पर पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिले हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को उजागर किया है।
फिलीस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता
ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल ने फिलीस्तीन को औपचारिक रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है। इस कदम का उद्देश्य फिलिस्तीनियों और इजरायलियों के बीच शांति की उम्मीदों को जीवित रखना है। हालांकि, इजरायल ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऐसे कदमों को "आतंक को एक बहुत बड़े पुरस्कार से पुरस्कृत करना" बताया है। इस मान्यता से मध्य पूर्व के साथ-साथ यूरोप और अमेरिका में भी हलचल मचनी तय है।
संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन 2025
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 24 सितंबर, 2025 को एक उच्च-स्तरीय जलवायु शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। यह शिखर सम्मेलन नवंबर में ब्राजील में होने वाले COP30 से पहले देशों के लिए अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने देशों से नए या संशोधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) पेश करने का आह्वान किया, जिसमें अगले दशक के लिए "साहसिक कार्रवाई" शामिल हो।
डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में बयान
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपनी बात दोहराई, जहां उन्होंने वैश्विक संस्थानों की आलोचना की और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी की। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में अमेरिका की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने का दावा किया और वैश्विक संस्थानों को विश्व व्यवस्था को कमजोर करने वाला बताया।
सुपर टाइफून रागासा की तबाही
सुपर टाइफून रागासा ने ताइवान में भारी नुकसान पहुँचाया है। मूसलाधार बारिश के साथ आए इस तूफान ने पूर्वी एशिया (फिलीपींस, ताइवान, चीन और हॉन्गकॉन्ग) में व्यापक तबाही मचाई है।