भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं।
GST 2.0 और दर कटौती का प्रभाव
भारत में हाल ही में लागू हुए GST 2.0 और दरों में की गई कटौती से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'बचत उत्सव' करार दिया है, जिससे विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें कम होंगी। यह कर सुधार आम आदमी के लिए हजारों की बचत कर सकता है और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को भी ₹1-1.5 ट्रिलियन की बचत कराने में मदद करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि GST सुधार भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को 0.8% तक बढ़ा सकते हैं। GST दर में कटौती से इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में त्योहारी बिक्री में 15-20% की वृद्धि होने का अनुमान है। (Sources: 2, 3, 5, 7, 8, 9, 13, 19, 20)
H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि से IT क्षेत्र चिंतित
अमेरिकी प्रशासन द्वारा H-1B वीज़ा शुल्क में $100,000 की प्रस्तावित वृद्धि ने भारतीय IT कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस घोषणा के बाद भारतीय IT शेयरों में गिरावट देखी गई है, जिससे कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में ₹85,500 करोड़ से अधिक की कमी आई है। इस कदम से भारत से अमेरिकी प्रेषण में $35 बिलियन तक की कमी आने की आशंका है। Microsoft जैसी कंपनियों ने अपने भारतीय कर्मचारियों को नियम लागू होने से पहले अमेरिका लौटने की चेतावनी दी है। भारतीय IT कंपनियां इस प्रभाव को कम करने के लिए काम को भारत वापस लाने पर विचार कर रही हैं। (Sources: 2, 4, 6, 7, 9, 10, 13, 14, 19, 20)
अडानी समूह के शेयरों में उछाल
अडानी समूह के शेयरों में लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गई, जिससे समूह का संयुक्त बाजार पूंजीकरण ₹15 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। यह उछाल हिंडनबर्ग के आरोपों पर SEBI द्वारा मामले को बंद करने के बाद आया है। गौतम अडानी ने अब नवाचार और पारदर्शिता को अपनी प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया है। GQG पार्टनर्स ने SBI फंड और Citadel सिक्योरिटीज को Adani Power के शेयर $250 मिलियन के सौदे में बेचे हैं। (Sources: 2, 4, 6, 18)
विनिर्माण क्षेत्र का मजबूत विकास
भारत 1 ट्रिलियन डॉलर की विनिर्माण अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच भारत का कुल निर्यात 6.18% बढ़कर $349.35 बिलियन तक पहुंच गया। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में पिछले एक दशक में छह गुना उत्पादन वृद्धि और आठ गुना निर्यात वृद्धि देखी गई है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है, जिसमें आयात पर निर्भरता काफी कम हो गई है। (Source: 16)
RBI की मौद्रिक नीति और आर्थिक संकेतक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अर्थशास्त्री नियंत्रित मुद्रास्फीति और मजबूत आर्थिक विकास के मद्देनजर नीतिगत दरों में ठहराव का सुझाव दे रहे हैं। अगस्त में कोर सेक्टर का उत्पादन 15 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 6.3% की वृद्धि दर्शाता है। SBI के एक अध्ययन के अनुसार, 25 आधार अंकों की एक और दर कटौती RBI के लिए "सबसे अच्छा संभव विकल्प" हो सकती है। (Source: 12)
ऑनलाइन सेवाओं और ई-कॉमर्स में वृद्धि
भारत का ऑनलाइन होम सर्विसेज बाजार FY30 तक 18-22% की CAGR से बढ़कर $963 मिलियन से $1 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। शहरी क्षेत्रों में तत्काल सेवाओं की बढ़ती मांग इस वृद्धि को बढ़ावा दे रही है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी विज्ञापन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि देख रहे हैं, FY25 में यह ₹15,000 करोड़ ($1.7 बिलियन) को पार कर गया है। (Source: 3)