भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ और घोषणाएँ हुई हैं, जो देश के तकनीकी और वैज्ञानिक परिदृश्य को आकार दे रही हैं।
त्रि-सेवा अकादमिक प्रौद्योगिकी कार्यशाला (T-SATS) का उद्घाटन
सशस्त्र बलों और भारत के शैक्षणिक संस्थानों के बीच नवाचार और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से, 22 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में एक त्रि-सेवा अकादमिक प्रौद्योगिकी कार्यशाला (T-SATS) का उद्घाटन किया गया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। भारतीय सेना द्वारा मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का विषय "विवेक व अनुसंधान से विजय" है, जिसका लक्ष्य राष्ट्रीय रक्षा के लिए महत्वपूर्ण विशिष्ट प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु सेवा-अकादमिक अनुसंधान एवं विकास इकोसिस्टम में तालमेल बनाना है। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों और 50 अनुसंधान एवं विकास संस्थानों के निदेशक और विभागाध्यक्ष भाग ले रहे हैं।
आंशिक सूर्य ग्रहण (21-22 सितंबर 2025)
21-22 सितंबर, 2025 की रात को एक आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा रहा है। भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण 21 सितंबर की रात 10:59 बजे शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। हालांकि, यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, क्योंकि यह रात के समय हो रही है। यह ग्रहण मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्सों, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। चूंकि यह भारत में दृश्यमान नहीं है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल प्रभावी नहीं होगा।
नीति आयोग द्वारा 'AI फॉर विकसित भारत' रोडमैप का अनावरण
17 सितंबर, 2025 को नीति आयोग ने 'AI फॉर विकसित भारत' रोडमैप और फ्रंटियर टेक रिपोजिटरी लॉन्च की। इस पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत तकनीकों की भूमिका को मजबूत करके 'विकसित भारत' के निर्माण में तेजी लाना है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, AI 2035 तक भारत की जीडीपी में 1.9 ट्रिलियन डॉलर तक की वृद्धि कर सकता है, बशर्ते देश अपने STEM टैलेंट और R&D इकोसिस्टम का पूरा उपयोग करे।
मोबाइल विनिर्माण में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
भारत मोबाइल फोन विनिर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। 'मेक इन इंडिया' जैसे अभियानों और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के कारण देश ने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन गया है और मोबाइल फोन के निर्यात में भी तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे यह इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के उत्पादन का एक बड़ा केंद्र बन गया है।