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September 22, 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार समाचार: GST 2.0 का कार्यान्वयन और H-1B वीज़ा शुल्क पर चिंताएँ

पिछले 24 घंटों में भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आई हैं। सबसे प्रमुख खबर यह है कि 'GST 2.0' के तहत नई GST दरें 22 सितंबर, 2025 से लागू हो गई हैं, जिससे कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, अमेरिकी H-1B वीज़ा के लिए $100,000 के शुल्क वृद्धि का मुद्दा भारतीय IT उद्योग और छात्रों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने कुछ स्पष्टीकरण जारी किए हैं। भारतीय शेयर बाजार में तेजी जारी है, और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता भी प्रगति पर है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार परिदृश्य में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं। प्रमुख रूप से, 22 सितंबर, 2025 से 'GST 2.0' के तहत नई वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरें लागू हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन GST सुधारों को 'GST बचत उत्सव' और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम बताया है।

GST 2.0: उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

नई GST दरों के लागू होने से कई वस्तुएं और सेवाएं सस्ती हो जाएंगी। इनमें कारें, बाइक, जीवन बीमा, और स्वास्थ्य सेवा से संबंधित कुछ वस्तुएं शामिल हैं। उदाहरण के लिए, छोटी कारों और 350cc तक की बाइकों पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी कई आवश्यक चीजों पर करों में कमी की गई है, जिससे मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा, जैसे दवाइयाँ और चश्मे। इसके अतिरिक्त, 375 वस्तुओं पर GST दरें कम की गई हैं, जिससे डेयरी उत्पादों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक कई चीजें सस्ती हो जाएंगी। सरकार इन मूल्य लाभों को उपभोक्ताओं तक पूरी तरह पहुँचाने पर नजर रखेगी और यदि आवश्यक हुआ तो हस्तक्षेप करने को तैयार है।

H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि और भारतीय IT उद्योग पर प्रभाव

अमेरिका द्वारा नए H-1B वीज़ा आवेदनों के लिए $100,000 का शुल्क लगाने का निर्णय भारतीय IT उद्योग और छात्रों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। हालाँकि, अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह शुल्क नए आवेदनों के लिए एक बार का भुगतान है, न कि वार्षिक शुल्क, और यह मौजूदा वीज़ा धारकों या नवीनीकरण पर लागू नहीं होगा, जिससे कुछ हद तक घबराहट कम हुई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है।

शेयर बाजार और आर्थिक लचीलापन

भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सप्ताह में लगातार तीसरे सप्ताह वृद्धि दर्ज की है, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गए हैं। घरेलू तरलता बाजार की मुख्य चालक बनी हुई है, और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों से बाजार में सकारात्मक माहौल है। भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनी हुई है, जो इसके मजबूत और लचीलेपन को दर्शाती है।

अन्य प्रमुख घटनाएँ

  • केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 22 सितंबर को व्यापार समझौते की वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका का दौरा करेंगे।
  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्तीय विनियमों को सुव्यवस्थित करने और समीक्षा प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए एक नियामक समीक्षा सेल की स्थापना की है।
  • ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) ने तांबे जैसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की खोज और विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

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