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September 21, 2025 गगनयान मिशन: दिसंबर में 'व्योममित्रा' के साथ पहली मानवरहित उड़ान, 2027 में मानव मिशन का लक्ष्य

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की तैयारी में महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि दिसंबर 2025 में 'व्योममित्रा' नामक अर्ध-मानव रोबोट के साथ पहली मानवरहित उड़ान अंतरिक्ष में भेजी जाएगी। इसके बाद 2027 की पहली तिमाही में भारत अपने पहले अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना बना रहा है। इस बीच, 21 सितंबर, 2025 को साल का आखिरी आंशिक सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा।

गगनयान मिशन: दिसंबर 2025 में 'व्योममित्रा' के साथ मानवरहित उड़ान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपने मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने हाल ही में घोषणा की कि गगनयान मिशन के तहत पहली मानवरहित उड़ान दिसंबर 2025 में निर्धारित है। इस उड़ान में 'व्योममित्रा' नामक एक अर्ध-मानव (हाफ-ह्यूमनॉइड) रोबोट को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।

व्योममित्रा एक महिला-आकार की रोबोट है जिसे मानव अंतरिक्ष उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यान प्रणालियों के प्रदर्शन का आकलन करने और अंतरिक्ष यात्रियों के कार्यों का अनुकरण करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मिशन गगनयान कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण होगा, जो अंतरिक्ष में मानवीय उपस्थिति के लिए आवश्यक तकनीकी क्षमताओं का मूल्यांकन करेगा। इसरो प्रमुख ने बताया कि इस पहली सफल मानवरहित उड़ान के बाद, 2026 में दो और मानवरहित उड़ानें संचालित की जाएंगी।

इन प्रारंभिक परीक्षणों के सफल रहने पर, भारत 2027 की पहली तिमाही में अपने पहले अंतरिक्ष यात्रियों (गगनयात्रियों) को अंतरिक्ष में भेजने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने का लक्ष्य रखता है। गगनयान मिशन के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों को पहले ही प्रशिक्षण मिल चुका है, और विभिन्न तकनीकी परीक्षण जारी हैं। इस मिशन में इसरो के साथ-साथ भारतीय वायुसेना, नौसेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) जैसे कई संस्थान भी शामिल हैं।

इसरो ने गगनयान मिशन की तैयारी में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें पैराशूट-आधारित धीमीकरण प्रणाली का सफल परीक्षण (Integrated Air Drop Test - IADT-01), ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3) का विकास, ऑर्बिटल मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम का परीक्षण शामिल है।

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को

खगोलीय घटनाओं के क्रम में, साल का दूसरा और आखिरी आंशिक सूर्य ग्रहण 21 सितंबर, 2025 को लग रहा है। यह आंशिक सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार देर रात 10:59 बजे शुरू होगा और 22 सितंबर की सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। ग्रहण के दौरान भारत में रात होने के कारण यह देश के किसी भी हिस्से से दिखाई नहीं देगा। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी हिस्सों, न्यूजीलैंड और अंटार्कटिका सहित प्रशांत महासागर के कुछ क्षेत्रों से इसे देखा जा सकेगा। इच्छुक लोग नासा (NASA) और अन्य प्लेटफार्मों की लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से इस खगोलीय घटना को देख सकते हैं।

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