भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिले हैं। प्रमुख सुर्खियों में अमेरिका द्वारा H-1B वीज़ा शुल्क में वृद्धि, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता, GST सुधारों का कार्यान्वयन और प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भरता' पर जोर शामिल हैं।
H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि से भारतीय आईटी क्षेत्र चिंतित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H-1B वीज़ा आवेदन शुल्क को बढ़ाकर $100,000 करने की घोषणा ने भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों और पेशेवरों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। (Sources 2, 4, 6, 7, 10, 11, 15, 17, 18, 20, 23) Nasscom और अन्य उद्योग निकायों ने इस कदम से व्यापार निरंतरता और भारतीय आईटी क्षेत्र पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में चिंता व्यक्त की है। (Sources 4, 6, 7, 15) इस घोषणा के बाद भारत से अमेरिका के लिए हवाई टिकटों की बुकिंग में भी अचानक उछाल देखा गया है, क्योंकि कई लोग नए नियम लागू होने से पहले वापस लौटना चाहते हैं। (Sources 5, 7, 10, 23) व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह $100,000 का शुल्क एकमुश्त भुगतान होगा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में लाए जा रहे लोग "वास्तव में अत्यधिक कुशल" हों और अमेरिकी श्रमिकों की जगह न लें। (Source 18) विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं पर भी गहरी छाया डाल सकता है। (Source 20)
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता और टैरिफ
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 22 सितंबर को व्यापार वार्ता के लिए अमेरिका का दौरा करेंगे। (Source 15) अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर 50% का भारी टैरिफ लगा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है। (Sources 15, 22) हालांकि, अधिकारियों ने व्यापार समझौते को शीघ्र और पारस्परिक रूप से लाभकारी तरीके से संपन्न करने के लिए "प्रयासों को तेज करने" का निर्णय लिया है। (Source 18) मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने उम्मीद जताई है कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्कों का मुद्दा अगले 8-10 हफ्तों में सुलझ सकता है। (Source 22)
GST सुधार और मूल्य कटौती
भारत का GST ढाँचा 22 सितंबर से एक नई दो-स्लैब प्रणाली के साथ एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है। (Sources 11, 19) अनुपालन को आसान बनाने और अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सरलता लाने के उद्देश्य से अधिकांश वस्तुएं और सेवाएं 5% या 18% के तहत आएंगी, जबकि लक्जरी और सिन गुड्स पर उच्च दरें लागू होंगी। (Source 11) GST दर में कटौती के बाद, अमूल ने 700 से अधिक उत्पादों, जैसे घी और मक्खन की कीमतों में कमी की घोषणा की है, जिसका लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। (Sources 7, 23) इससे डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ने और संगठित खिलाड़ियों को अनौपचारिक क्षेत्र से बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। (Source 2)
प्रधानमंत्री मोदी का 'आत्मनिर्भरता' पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भरता' पर दृढ़ता से जोर दिया है, जिसमें सेमीकंडक्टर से लेकर जहाज निर्माण तक विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया है। (Sources 13, 24) उन्होंने विदेशी सेवाओं पर निर्भरता के महत्वपूर्ण वित्तीय बोझ को रेखांकित किया, विशेष रूप से शिपिंग क्षेत्र में, जहाँ भारत सालाना 6 लाख करोड़ रुपये विदेशी कंपनियों को भुगतान करता है। (Sources 13, 24) प्रधानमंत्री ने बड़े जहाजों को बुनियादी ढाँचे के रूप में मान्यता देकर भारत के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के सरकार के ऐतिहासिक निर्णय पर भी प्रकाश डाला। (Source 24)
भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन
भारतीय शेयर बाजार ने सितंबर में GST सुधारों और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों के कारण 3% से अधिक की रैली देखी है। (Source 14) हालाँकि, पिछले 12 महीनों में सेंसेक्स ने लगभग 0% रिटर्न दिया है, जिसका मुख्य कारण कमजोर कॉर्पोरेट आय और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) की लगातार बिकवाली है। (Sources 9, 17) निफ्टी 50 सूचकांक 25,100 के मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण अंक से ऊपर बंद हुआ है, जो व्यापार सौदों और आय में सुधार के प्रति आशावाद से प्रेरित है। (Source 21)