पिछले 24 घंटों में भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रगति और घोषणाएँ हुई हैं, जो देश के नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के प्रति बढ़ते फोकस को दर्शाती हैं।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की वापसी
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अपने ऐतिहासिक एक्सिओम-4 मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 17 अगस्त, 2025 को भारत लौट आए हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और इसरो के शीर्ष वैज्ञानिकों ने उनका भव्य स्वागत किया। शुभांशु शुक्ला, जो अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं, ने 25 जून को नासा के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी और 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे थे, जहाँ उन्होंने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में 18 दिनों तक सफल प्रयोग किए। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करने वाले हैं।
सेमीकंडक्टर निर्माण और आईफोन उत्पादन में प्रगति
भारत अपने सेमीकंडक्टर सपनों को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें सरकार और उद्योग अत्याधुनिक तकनीक के बजाय परिपक्व-नोड निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। देश का लक्ष्य 28nm से 65nm रेंज में क्षमता का निर्माण करना है, जिसका उपयोग ऑटोमोटिव, दूरसंचार और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है। सरकार ने हाल ही में ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पंजाब में 4,600 करोड़ रुपये की चार नई सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत कुल 10 परियोजनाएं हो गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस वर्ष के अंत तक "मेड-इन-इंडिया" सेमीकंडक्टर चिप्स की उपलब्धता की घोषणा करके सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
तकनीकी विनिर्माण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण विकास बेंगलुरु के देवनहल्ली में फॉक्सकॉन विनिर्माण संयंत्र में आईफोन 17 का उत्पादन शुरू होना है। यह $2.8 बिलियन का निवेश एप्पल के भारत में उत्पादन के विस्तार में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इस संयंत्र को चीन के बाद फॉक्सकॉन की दूसरी सबसे बड़ी वैश्विक इकाई बनाता है। यह कदम हजारों स्थानीय रोजगार पैदा करने और देवनहल्ली को एक उच्च-तकनीकी विनिर्माण केंद्र में बदलने के लिए कर्नाटक सरकार और फॉक्सकॉन के बीच 2023 में हुए समझौते का परिणाम है।
अनुसंधान और नवाचार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के शोधकर्ताओं ने कृषि अपशिष्ट से प्लास्टिक का एक स्थायी विकल्प विकसित किया है। यह नवाचार न केवल कृषि अपशिष्ट को खुले में जलाने से रोकता है बल्कि रीसाइक्लिंग अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के अनुरूप भी है। इसके अतिरिक्त, जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिकों ने खरपतवारों से एक नैनोफंगीसाइड (कवकनाशी) विकसित किया है। यह नैनोफंगीसाइड गेहूं जैसी फसलों को फंगस से बचाने और उनकी उपज बढ़ाने में प्रभावी है, साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है और पारंपरिक कीटनाशकों की तुलना में कम लागत पर उपलब्ध होगा।
रणनीतिक पहल और आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने परमाणु ऊर्जा में भारत की पहल पर प्रकाश डाला, जिसमें 10 नए रिएक्टर तेजी से प्रगति कर रहे हैं और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य है। सरकार ने निजी क्षेत्र के लिए परमाणु ऊर्जा के द्वार भी खोले हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने "नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन" के शुभारंभ की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। उन्होंने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर अपतटीय तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देने के लिए "नेशनल डीप वॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन" की भी घोषणा की।
विज्ञान शिक्षा और कूटनीति
मुंबई अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड (IOAA) 2025 की मेजबानी कर रहा है। यह आयोजन एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को बढ़ावा देता है, अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है, और राष्ट्रों के बीच एक सेतु के रूप में विज्ञान को प्रदर्शित करता है।