भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं, जो देश के आर्थिक परिदृश्य के लिए सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
आर्थिक विकास और आउटलुक
एसएंडपी ग्लोबल इंडिया रिसर्च ने भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं पर अपना विश्वास दोहराया है, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.5% जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाता है, जिसका श्रेय घरेलू ताकत, आर्थिक सुधारों, बुनियादी ढांचे के विकास और वैश्विक व्यापार में बढ़ती भागीदारी को दिया गया है। रिपोर्ट में निजी ऋण क्षेत्र में मजबूत विस्तार और वैश्विक जहाज निर्माण तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी की क्षमता पर भी प्रकाश डाला गया है।
सरकारी नीतियां और सुधार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि जीएसटी सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में कम से कम ₹2 ट्रिलियन का निवेश किया है, जिससे नागरिकों को विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कमी का लाभ मिला है। ये नए जीएसटी दरें, जिनमें मानव निर्मित फाइबर, यार्न और ₹2,500 तक के तैयार कपड़ों पर कटौती शामिल है, 22 सितंबर से प्रभावी होंगी, जिससे फैशन अधिक किफायती होगा और मांग व निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने संशोधित सीजीएसटी दर अनुसूचियों को भी अधिसूचित किया है, जो 22 सितंबर से लागू होंगी। इसके अतिरिक्त, हरित ऊर्जा पर जीएसटी कटौती से डिस्कॉम्स को सालाना ₹3,000 करोड़ की बचत होने की उम्मीद है, जिससे ₹1.5 लाख करोड़ की बचत हो सकती है और 2030 तक 7 लाख हरित रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
व्यापार और निर्यात
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विश्वास व्यक्त किया है कि अमेरिकी सामानों पर 50% टैरिफ लगाने के बावजूद भारत का निर्यात इस साल 6% बढ़ेगा। यूरोपीय संघ और संयुक्त अरब अमीरात के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफ़टीए) पर चर्चा भी प्रगति पर है। भारत और अमेरिका भी पारस्परिक रूप से लाभप्रद व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों में तेजी ला रहे हैं, हाल की बातचीत को "रचनात्मक और दूरंदेशी" बताया गया है।
शेयर बाजार और वित्त
भारतीय शेयर बाजार ने 17 सितंबर को सकारात्मक प्रदर्शन किया, जिसमें सेंसेक्स 313 अंक (0.38%) बढ़कर 82,693.71 पर और निफ्टी 50 25,300 (0.36%) से ऊपर 25,330.25 पर बंद हुआ। बैंकिंग, ऑटो, तेल और गैस, और ऊर्जा क्षेत्रों ने बाजार को सहारा दिया। एसबीआई ने यस बैंक में अपनी 13.18% हिस्सेदारी जापान के एसएमबीसी को ₹8,889 करोड़ में बेची, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयरों में उछाल आया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की है और 2025 में दो और कटौती की संभावना जताई है, जिसे भारतीय बाजारों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश बढ़ सकता है और रुपये में स्थिरता आ सकती है। रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 87.81 पर बंद हुआ। सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया, सोना ₹167 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर और चांदी ₹130,450 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, हालांकि बाद में कुछ गिरावट भी दर्ज की गई।
अन्य महत्वपूर्ण समाचार
- अर्बन कंपनी के शेयर 58% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए और 8% उछले।
- ड्रीमफॉल्क्स सर्विसेज के शेयर 5% के निचले सर्किट पर पहुंच गए।
- यूनिटेरियन एनिवर्सरी डे के अवसर पर 18 सितंबर को शिलांग में बैंक अवकाश रहा।