भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार के क्षेत्र में 11 सितंबर 2025 को कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए।
विकास दर का अनुमान बढ़ा
फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.9% कर दिया है। यह मजबूत घरेलू मांग और सहायक वित्तीय परिस्थितियों के कारण किया गया है। यह अनुमान वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 7.8% की अप्रत्याशित जीडीपी वृद्धि के बाद आया है, जो पिछली तिमाही के 7.4% से अधिक है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण इस साल नवंबर तक अंतिम रूप ले लेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में चर्चा बहुत अच्छे माहौल में चल रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए अमेरिकी टैरिफ का दबाव है, जिससे भारतीय वस्त्र, रत्न, आभूषण, कालीन, फर्नीचर और झींगा मछली जैसे उत्पाद प्रभावित हो रहे हैं।
शेयर बाजार में बढ़त
भारतीय शेयर बाजार में 11 सितंबर 2025 को तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 123.58 अंक (0.15%) बढ़कर 81,548.73 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 32.40 अंक (0.13%) बढ़कर 25,005.50 अंक पर बंद हुआ। इस बढ़त के कारण निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹78,000 करोड़ की वृद्धि हुई। ऊर्जा और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) जैसे क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी देखी गई।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
11 सितंबर 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव ₹109223 प्रति 10 ग्राम रहा।
आरबीआई की विदेशी होल्डिंग्स में बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सितंबर 2024 में अपने अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिभूतियों (टी-बिल) की होल्डिंग को $247.2 बिलियन से घटाकर जून 2025 में $227 बिलियन कर दिया है। इसके अलावा, आरबीआई ने अपने सोने के भंडार का एक हिस्सा विदेशी होल्डिंग से घरेलू होल्डिंग में स्थानांतरित किया है।
वधावन बंदरगाह परियोजना
महाराष्ट्र के पालघर जिले में ₹76,000 करोड़ की लागत से बन रहा वधावन बंदरगाह 2028 तक चालू होने की उम्मीद है। इसे दुनिया के शीर्ष 10 गहरे समुद्री बंदरगाहों में से एक बनाने का लक्ष्य है।
भारत-मॉरीशस आर्थिक पैकेज
भारत और मॉरीशस ने एक विशेष आर्थिक पैकेज पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग $215 मिलियन (अनुदान-आधारित) और $440 मिलियन (अनुदान-सह-एलओसी आधारित) शामिल हैं। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य पर केंद्रित हैं। भारत $25 मिलियन की बजटीय सहायता भी प्रदान करेगा।