भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार परिदृश्य में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ देखी गई हैं, जो देश की आर्थिक दिशा और बाजार की गतिविधियों को दर्शाती हैं।
GST सुधार और आर्थिक प्रभाव
हाल ही में लागू की गई GST दर कटौतियों से भारतीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विश्लेषकों का अनुमान है कि ये कटौतियाँ ₹1 ट्रिलियन तक की खपत को बढ़ावा दे सकती हैं और मुद्रास्फीति को 40 आधार अंकों तक कम कर सकती हैं। सरकार ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और कारों के लिए संशोधित मूल्य सूचियाँ 22 सितंबर तक प्रस्तुत करें, ताकि GST कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँच सके। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में इन कटौतियों के कारण सरकार के राजस्व में संभावित कमी का भी उल्लेख किया गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने इन GST सुधारों को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम बताया है।
आर्थिक वृद्धि और लचीलापन
फिच रेटिंग्स ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के पूर्वानुमान को 6.5% से बढ़ाकर 6.9% कर दिया है, जिसका श्रेय उपभोग को बढ़ावा देने वाले सुधारों को दिया गया है। SBI कैपिटल मार्केट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था ने वैश्विक व्यापार व्यवधानों और राजकोषीय चुनौतियों के बावजूद लचीलापन दिखाया है, जिसमें पहली तिमाही में 7.8% की GDP वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरलीकृत GST संरचना से अर्थव्यवस्था में लगभग ₹50,000 करोड़ का प्रवाह होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू खपत को और बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार वार्ता और वैश्विक चुनौतियाँ
भारत अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते के लिए "सक्रिय बातचीत" में है, जैसा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है। यूरोपीय संघ के साथ व्यापार वार्ता भी एक महत्वपूर्ण चरण में है। हालांकि, अमेरिकी शुल्कों का भारतीय निर्यात पर संभावित प्रभाव एक चिंता का विषय बना हुआ है, कुछ रिपोर्टों में FY26 GDP पर 0.3% से 0.6% तक की कटौती का अनुमान है। इसके बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच लचीला दिखाया गया है।
वित्तीय बाजार अपडेट
- सोने के ऋण और ETF: कीमतों में वृद्धि के बीच सोने के ऋण रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गए हैं। अगस्त में गोल्ड ETF में ₹2190 करोड़ का मजबूत प्रवाह देखा गया, क्योंकि निवेशक सुरक्षित-हेवन परिसंपत्तियों की तलाश में थे।
- म्यूचुअल फंड: अगस्त में इक्विटी म्यूचुअल फंड में प्रवाह 22% घटकर ₹33,430 करोड़ हो गया, जबकि SIP प्रवाह में मामूली कमी आई।
- IPO गतिविधियाँ: अर्बन कंपनी का IPO पहले दिन 3.13 गुना सब्सक्राइब हुआ। लेंसकार्ट ने भी IPO के लिए फाइल किया है, और टाटा कैपिटल ने अपने IPO रोडशो पूरे कर लिए हैं।
- शेयर बाजार: अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता को लेकर आशावाद के कारण सेंसेक्स में 323 अंकों की वृद्धि हुई और निफ्टी लगातार छठे दिन चढ़ा।
कॉर्पोरेट और इंफ्रास्ट्रक्चर समाचार
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मजबूत निवेशक मांग के कारण अपनी परिसंपत्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के निर्गम को बढ़ाकर ₹21,000 करोड़ कर दिया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और एलियांज ने भारत में पुनर्बीमा की पेशकश के लिए 50:50 का संयुक्त उद्यम बनाया है। बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर, कैबिनेट ने बिहार में उच्च गति वाले राष्ट्रीय राजमार्ग कॉरिडोर और रेल परियोजना को मंजूरी दी है, साथ ही दिल्ली में सड़क परियोजनाओं के लिए भी धन आवंटित किया है।